लोकतंत्र की मजबूती और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान प्रत्येक नागरिक का दायित्व : राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार

राजगढ ब्यावरा। लोकतंत्र की मजबूती केवल चुनावों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने में निहित है। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के साथ ही सशक्त, स्थिर और जीवंत लोकतांत्रिक व्यवस्था का प्रतीक है। लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। यह बात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पंवार ने रविवार रात्रि ब्यावरा में भारतीय जनता पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के अंतर्गत आयोजित प्रमुख नागरिक गोष्ठी को संबोधित करते हुए कही।
अपने संबोधन में राज्यमंत्री पंवार ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। राजनीतिक मतभेद लोकतांत्रिक व्यवस्था का स्वाभाविक हिस्सा हैं, लेकिन देशहित और लोकतांत्रिक मर्यादाओं से ऊपर कोई भी राजनीतिक स्वार्थ नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों एवं उनके नेताओं से अपेक्षा की जाती है कि वे लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें और देश की प्रतिष्ठा तथा संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं।
उन्होंने आगे कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। इन परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी भूमिका निभानी होगी। राष्ट्र की एकता, अखंडता और सम्मान को सर्वोपरि रखते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनविश्वास बनाए रखना आज की आवश्यकता है।
गोष्ठी में सांसद श्री रोडमल नागर, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री ज्ञान सिंह गुर्जर एवं श्री कैलाश गुप्ता (टाटा वाले) सहित क्षेत्र के प्रमुख नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस दौरान वक्ताओं ने लोकतंत्र की मजबूती, संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान, राष्ट्रहित और देश की एकता एवं अखंडता से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।
‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जनजागृति लाने, संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विश्वास मजबूत करने और नागरिकों को राष्ट्रहित के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित नागरिकों ने लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा, संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान तथा राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को मजबूत बनाए रखने के संकल्प के साथ अभियान के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया।


