संविधान पर पोस्ट डाल कर फंसे पंडित मोहितराम, अहिरवार समाज संघ ने जताई आपत्ति, कानूनी कार्यवाही की उठ रही मांग
संविधान ने दलित बनाया, ऐसा कहना भ्रामक; संविधान ने वंचित वर्गों को दिए समान अधिकार और सम्मान-विनोद कुमार बड़ोदिया

सीहोर। भारतीय संविधान के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करने पर पंडित मोहितराम पाठक दलित समाज के निशाने पर आ गए हैं। उनके द्वारा की गई पोस्ट को लेकर अहिरवार समाज संघ में कड़ी आपत्ति जताते हुए निंदा की है।
अहिरवार समाज संघ के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार बडोदिया ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पंडित मोहितराम पाठक द्वारा सोशल मीडिया पर भारतीय संविधान को लेकर की गई टिप्पणी पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि सदियों से जातिवादी सोच रखने वाले लोग आज भी दलित समाज के प्रति अपनी मनुवादी मानसिकता उजागर करते रहते हैं। हाल ही में पंडित मोहितराम पाठक द्वारा सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर यह प्रचारित किया जा रहा है कि भारतीय संविधान ने लोगों को दलित बनाया है, जो भ्रामक और आपत्तिजनक है। बड़ोदिया ने कहा कि पंडित मोहितराम पाठक को स्पष्ट करना चाहिए कि भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के आधार पर उन्होंने यह बात कही है। संविधान तो देश के प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार प्रदान करता है और सामाजिक न्याय, समानता तथा सम्मान की भावना को मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि संविधान लागू होने के बाद देश के वंचित एवं पिछड़े वर्गों को अनेक अधिकार प्राप्त हुए हैं। आज समाज के ऐसे वर्ग सम्मानपूर्वक जीवन जी रहे हैं और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर आगे बढ़ रहे हैं। भारतीय संविधान के प्रति देश के प्रत्येक नागरिक की आस्था और विश्वास है तथा शासन-प्रशासन की संपूर्ण व्यवस्था संविधान के अनुरूप संचालित होती है।
अहिरवार समाज संघ के जिलाध्यक्ष ने पंडित मोहितराम पाठक से संविधान के प्रति इस प्रकार का दुष्प्रचार बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। यदि इस प्रकार का दुष्प्रचार बंद नहीं किया गया तो अहिरवार समाज संघ कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगा।



