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14 साल की उम्र में बेचे जाने का आरोप, 15 में बनी मां; अब 19 वर्षीय युवती ने एसपी से मांगा न्याय

 

राजगढ़। जिले में बाल विवाह, नाबालिग के कथित शोषण और कम उम्र में मातृत्व से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। 19 वर्षीय युवती ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत देकर अपने साथ हुए कथित अन्याय की जांच कराने, सुरक्षा उपलब्ध कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। युवती ने आरोप लगाया है कि महज 14 वर्ष की उम्र में उसे उसकी मां ने एक व्यक्ति को बेच दिया था। इसके बाद उसे कथित रूप से शारीरिक शोषण और मारपीट का सामना करना पड़ा। युवती के अनुसार, कम उम्र में गर्भवती होने के बाद 15 वर्ष की उम्र में उसने एक बच्ची को जन्म दिया।

 

मां पर बेचने का आरोप

 

युवती ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसकी मां ने उसे करीब 35 से 40 वर्ष की उम्र के श्याम उर्फ शांति, निवासी खीमाखेड़ी, के हाथों बेच दिया था। युवती का कहना है कि इसके बाद उसके साथ बार-बार कथित शारीरिक शोषण और मारपीट की गई। विरोध करने के बावजूद उसे राहत नहीं मिली। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

 

15 साल की उम्र में बनी मां

 

शिकायत के अनुसार, कम उम्र में गर्भवती होने के बाद युवती ने 15 वर्ष की उम्र में बच्ची को जन्म दिया। जिस उम्र में उसकी पढ़ाई और भविष्य की नींव मजबूत होनी चाहिए थी, उस समय उसे मातृत्व की जिम्मेदारी उठानी पड़ी। अब युवती अपने जीवन से जुड़े पुराने घटनाक्रम की जांच और वर्तमान परिस्थितियों से राहत चाहती है।

 

बालिग होने के बाद अपनी इच्छा से किया विवाह

 

युवती ने शिकायत में बताया कि 18 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद उसने अपनी इच्छा से संदीप (परिवर्तित नाम) से विवाह किया। फिलहाल वह अपने पति के साथ रह रही है, जबकि उसकी पहली बच्ची उसकी मां के पास है। युवती का आरोप है कि उसकी मां और श्याम उर्फ शांति अब उसे और उसके पति को परेशान कर रहे हैं। वह चाहती है कि उसे बिना किसी डर और तनाव के शांतिपूर्ण जीवन जीने का अवसर मिले।

 

आधार कार्ड में उम्र बदलवाने का आरोप

 

मामले में उम्र से जुड़े दस्तावेज भी जांच का महत्वपूर्ण पहलू हैं। युवती ने आरोप लगाया है कि उसके आधार कार्ड में वास्तविक उम्र से करीब सात वर्ष अधिक दर्ज कराई गई। उसने दावा किया कि दोराहा स्थित ज्ञानवेली स्कूल के रिकॉर्ड में उसकी जन्मतिथि 3 जुलाई 2007 दर्ज है। युवती ने संबंधित दस्तावेजों की जांच कर उसकी वास्तविक उम्र का सत्यापन कराने की मांग की है। दस्तावेजों की जांच से कथित घटनाओं के समय उसकी उम्र स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।

एसपी से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग

युवती ने पुलिस अधीक्षक से नाबालिग अवस्था में बेचे जाने, कथित शोषण, मारपीट और उम्र संबंधी दस्तावेजों में गड़बड़ी के आरोपों की जांच कराने की मांग की है। उसने वर्तमान में खुद और अपने पति को परेशान किए जाने का आरोप लगाते हुए सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी अपील की है।

अहिंसा वेलफेयर सोसायटी, राजगढ़ के मनीष दांगी ने भी मामले में निष्पक्ष जांच की आवश्यकता जताई है। उनका कहना है कि यदि जांच में नाबालिग के शोषण और अन्य आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।

बच्ची के भविष्य का सवाल भी अहम

इस पूरे मामले में युवती के साथ उसकी बच्ची की सुरक्षा और भविष्य भी महत्वपूर्ण है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच, उम्र संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करना आवश्यक होगा।

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