सोयाबीन कटाई के बीच मजदूरों का ‘जानलेवा सफर’, ओमनी की छत पर बैठे दिखे मजदूर क्षमता से कई गुना सवारियां बैठाकर दौड़ रहे वाहन, रोज सुबह-शाम सड़कों पर दिख रहा जोखिम भरा नजारा

राजगढ जीरापुर क्षेत्र में सोयाबीन की कटाई का सीजन शुरू होते ही खेतों की ओर मजदूरों की आवाजाही बढ़ गई है। सुबह होते ही गांवों से मजदूर कटाई के लिए खेतों की ओर निकल रहे हैं और शाम को वापस लौट रहे हैं। इसी बीच मजदूरों को खेतों तक ले जाने वाले वाहनों में ओवरलोडिंग का नजारा चिंता बढ़ा रहा है।
सड़कों पर क्षमता से कई गुना अधिक मजदूरों को छोटे वाहनों में बैठाकर ले जाया जा रहा है। सामने आई तस्वीर में एक मारुति ओमनी की छत पर भी मजदूर बैठे नजर आ रहे हैं। वाहन के अंदर सवारियों के अलावा ऊपर बैठे मजदूरों के साथ यह सफर बेहद जोखिम भरा दिखाई दे रहा है। वहीं छोटे ऑटो रिक्शा में भी क्षमता से अधिक लोगों के बैठकर सफर करने के मामले सामने आ रहे हैं।
कटाई सीजन में बढ़ी मजदूरों की आवाजाही
सोयाबीन कटाई के चलते जीरापुर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में मजदूर रोजाना खेतों तक पहुंच रहे हैं। मजदूरों को ले जाने के लिए वाहन कम पड़ने पर कई चालक एक ही वाहन में अधिक सवारियां बैठाकर सफर करा रहे हैं। ऐसे में सड़क पर चल रहे इन ओवरलोड वाहनों से हादसे का खतरा बना हुआ है।
छोटी सी चूक पड़ सकती है भारी
वाहन की छत पर बैठकर या दरवाजे से लटककर सफर करना किसी भी समय भारी पड़ सकता है। अचानक ब्रेक लगने, वाहन के असंतुलित होने या सामने से किसी वाहन के आने पर बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद कटाई के सीजन में यह नजारा रोजाना सड़कों पर दिखाई दे रहा है।
नियमों की अनदेखी पर सवाल
मजदूरों की मजबूरी अपनी जगह है, लेकिन उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी अहम है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्षमता से अधिक सवारियां लेकर दौड़ रहे वाहनों पर निगरानी और कार्रवाई कब होगी? ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और पुलिस को सोयाबीन कटाई के सीजन में विशेष यातायात अभियान चलाकर ओवरलोडिंग रोकनी चाहिए, ताकि किसी हादसे से पहले ही इस जोखिम भरे सफर पर लगाम लग सके।




