
राजगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष विनोद साहू के वित्तीय अधिकारों को लेकर चल रहे विवाद में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। न्यायालय ने अगली सुनवाई तक अध्यक्ष को वित्तीय शक्तियों का प्रयोग नहीं करने के निर्देश दिए हैं। राजगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष विनोद साहू के निर्वाचन और उनके द्वारा पद की शक्तियों के इस्तेमाल को लेकर चल रहे विवाद में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
अध्यक्ष बोले- पहले ही मिल चुकी है राहत
मामले में नगर पालिका अध्यक्ष विनोद साहू ने कहा कि इससे पहले भी संबंधित लोग न्यायालय गए थे। इसके बाद उन्होंने भी न्यायालय की शरण ली थी और 13 मई 2026 को उन्हें राहत मिली थी। उक्त आदेश के बाद याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका दायर की, जिसके कारण यह आदेश आया है।
माना कि याचिका विचारणीय है
इसमें नगरपालिका अध्यक्ष के निर्वाचन, राजपत्र में अधिसूचना और पद ग्रहण से जुड़े वैधानिक प्रावधानों की व्याख्या की गई थी। कोर्ट ने यह स्वीकार किया कि याचिका विचारणीय है। न्यायालय ने संबंधित प्रतिवादियों को पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं और अगली सुनवाई तक धारा 45 के तहत आवश्यक राजपत्र अधिसूचना नहीं होने की स्थिति में अध्यक्ष को वित्तीय शक्तियों का प्रयोग नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
अध्यक्ष के निर्वाचन परिणाम की राजपत्र में अधिसूचना का होना महत्वपूर्ण है। अधिसूचना जारी नहीं होने की स्थिति में अध्यक्ष के वित्तीय अधिकारों के इस्तेमाल को लेकर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
शिकायतों, दप्तर के विवाद और अन्य मामलों में भी एक पक्ष ने भी आपत्ति के आरोप लगाए थे, जिसमें सरफराज उस्मानी तक मामला पहुंचा था और वे आदेश की चर्चा में शामिल रहे।
पूर्णपीठ के फैसले का दिया हवाला
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता सामने ने समान परिस्थितियों वाले मामलों में पारित किए गए अंतिम आदेश न्यायालय के समक्ष रखे। इन आदेशों में पहले फैसले दिए जा चुके हैं, जिनके भी आदेश शामिल हैं। इसके अलावा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट इंदौर खंडपीठ द्वारा वर्ष-2005 के पूर्णपीठ के निर्णय का भी हवाला दिया गया।https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=pfbid0HRpDKHZE8w5yey7iXPg6crNX8arvbkePsxext41iDs9nAZ2ecvK2sVTwP8SMvBN7l&id=61555206451297&mibextid=ZbWKwL




