हितकारिणी लॉ कॉलेज में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का ओरिएंटेशन कार्यक्रम संपन्न

जबलपुर। हितकारिणी लॉ कॉलेज, जबलपुर में B.A.LL.B., LL.B. एवं LL.M. प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विधि शिक्षा की प्रकृति, महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन, विभिन्न अकादमिक गतिविधियों तथा विधि के क्षेत्र में उपलब्ध व्यापक अवसरों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के निवर्तमान न्यायमूर्ति श्री संजय द्विवेदी रहे. जबकि हितकारिणी सभा की सभापति श्रीमती सुनयना पटेरिया ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता हितकारिणी लॉ कॉलेज के अध्यक्ष श्री अशोक गुप्ता ने की।
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय परिवार की ओर से नवप्रवेशित विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल शैक्षणिक एवं व्यावसायिक भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति श्री संजय द्विवेदी ने कहा कि विधि का अध्ययन केवल कानून की धाराओं और प्रावधानों को याद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह न्याय, संविधान, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व को समझने की प्रक्रिया है। उन्होंने विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ-साथ तार्किक चिंतन, संवैधानिक मूल्यों और मानवीय दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि श्रीमती सुनयना पटेरिया ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि विद्यार्थी महाविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक अवसरों का अधिकतम लाभउठाएं तथा अपने व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करें। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, संस्कार एवं समर्पण के साथ अपनी शिक्षा पूरी करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए हितकारिणी लॉ कॉलेज के अध्यक्ष श्री अशोक गुप्ता ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत किया तथा उन्हें महाविद्यालय की गौरवशाली परंपरा और विधि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विधि विद्यार्थी भविष्य में समाज और राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उन्हें अपने ज्ञान के साथ-साथ कर्तव्यबोध एवं सामाजिक संवेदनशीलता को भी विकसित करना चाहिए।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विकास सिंह ने अपने उद्बोधन में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि कानून की शिक्षा केवल पुस्तकों में लिखे प्रावधानों को पढ़ने और परीक्षाएं उत्तीर्ण करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह न्याय, संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व को समझाने का माध्यम है।
ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, पाठ्यक्रम, परीक्षा प्रणाली, अनुशासन, पुस्तकालय. मूट कोर्ट, सेमिनार, कार्यशालाओं, विधिक जागरूकता कार्यक्रमों एवं अन्य अकादमिक गतिविधियों की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही विद्यार्थियों को विधि के क्षेत्र में न्यायिक सेवा, अधिवक्ता, कॉर्पोरेट लॉ, अकादमिक एवं शोध सहित विभिन्न करियर विकल्पों के बारे में भी मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यक्रम का मंच संचालन सहायक प्राध्यापक श्रीमती जॉली जैन एवं सुश्री शिवांगी गोलछा द्वारा प्रभावी एवं गरिमापूर्ण ढंग से किया गया। दोनों ने कार्यक्रम के विभिन्न चरणों को सुचारू रूप से संचालित करते हुए अतिथियों एवं विद्यार्थियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय उपप्राचार्य डॉ. भावना वर्मा, अभिषेक नेमा, राजेश सेन, लोकेन्द्र सिंह, प्रशांत वर्मा, यामिनी मिश्रा, अश्विनी दोशी, दीपांकर तिवारी, कीर्ति कोरी, शैली गुप्ता, देवेन्द्र पांडे, सुधांशु जैन, नवीन जैन, रामबाबू आदि एवं B.A.LL.B., LL.B. एवं LL.M. प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों एवं उपस्थित सभी गणमान्यजनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने कार्यक्रम को अपने शैक्षणिक जीवन की नई यात्रा के लिए प्रेरणादायक एवं उपयोगी बताया।




