किसानों के लिए खाद की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश: मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ (SHABD): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र प्रारंभ होने से पहले पत्रकारों से वार्ता की। उन्होंने गरीब, युवा, महिला व किसान के मुद्दे पर विपक्ष को खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि ये सभी डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता में हैं। एक-डेढ़ सप्ताह में आउटसोर्स कमीशन, तय होगा न्यूनतम मानदेय सीएम ने बड़ी घोषणा की कि सरकार एक-डेढ़ सप्ताह में आउटसोर्स कमीशन को लागू करने के साथ ही न्यूनतम मानदेय सुनिश्चित करने जा रही है। आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं, रसोइयों व ग्राम चौकीदारों को भी उचित मानदेय प्राप्त हो और उनकी सेवाएं प्रदेश के हित को संवर्धित करने के लिए कार्य करें, इसके लिए अनुपूरक बजट का सहारा लिया गया है। खाद की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश सीएम ने किसानों के मुद्दे पर सपा को घेरा और अपनी सरकार में गन्ना किसानों के लाभों को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि 2007 से 2017 के बीच 29 चीनी मिलें बंद हुईं, 21 चीनी मिलें औने-पौने दाम पर बेच दी गईं, लेकिन हमारी सरकार में 3.23 लाख करोड़ से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान हुआ है। 122 में से 105 से अधिक चीनी मिलें चौथे-पांचवें दिन ही किसानों के खाते में गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं। समाजवादी पार्टी के समय में 10 वर्ष का गन्ना मूल्य बकाया था। ये लोग किसानों के हितों का संरक्षण करने के बजाय उन्हें आत्महत्या और पलायन के लिए मजबूर करते थे। उस समय किसानों के ट्यूबवेल तक सुरक्षित नहीं थे। सरकार आज 16 लाख ट्यूबवेल को निशुल्क बिजली उपलब्ध करा रही है। कुछ जगहों पर पोर्टल की तकनीकी समस्या आई थी, लेकिन विभाग को किसानों के लिए खाद की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है। नकारात्मकता की राजनीति त्यागें विपक्ष के साथी मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सत्र हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए सदन के समय का बेहतर उपयोग हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश के हित और 25 करोड़ आमजन के विकास के लिए विधानमंडल की कार्यवाही को शांतिपूर्ण ढंग से चलाने के लिए विपक्ष के साथी नकारात्मकता की राजनीति को छोड़कर प्रदेश के विकास व समृद्धि में योगदान देंगे। सीएम ने कहा कि विधायिका आमजन की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम होती है। संसदीय प्रणाली में विधायिका गरीब, किसान, युवा और महिला से जुड़े मुद्दों पर चर्चा, समीक्षा और परिणाम तक पहुंचाने का सबसे अच्छा प्लेटफॉर्म है। हर जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की समस्या को रखकर सरकार से समाधान का रास्ता निकलवा सकता है। इस प्लेटफॉर्म का बेहतर उपयोग हो, यह भाजपा नेतृत्व की एनडीए सरकार की सदैव प्राथमिकता रही है।




