एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान में देश और प्रदेश में प्रथम स्थान पर राजगढ़ जिला
राजगढ़
स्वास्थ्य और जागरूकता के मोर्चे पर राजगढ़ जिले ने इतिहास रच दिया है। घातक सर्वाइकल कैंसर से बेटियों को सुरक्षित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे एचपीवी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस वैक्सीनेशन अभियान में राजगढ़ जिला न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पूरे भारत में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। जिले ने अपने निर्धारित लक्ष्य 15,942 को शत-प्रतिशत प्राप्त कर देश के मानचित्र पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। इस उपलब्धि में कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा की सूक्ष्म योजना और दृढ़ इच्छाशक्ति रही है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस अभियान को कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने एक मिशन की तरह लिया। अभियान के दौरान वे प्रतिदिन सुबह ब्लॉक-वार समीक्षा करते थे। उनकी इस सक्रियता ने स्वास्थ्य विभाग और अन्य सहयोगी विभागों के बीच एक मजबूत समन्वय स्थापित किया, जिससे धरातल पर परिणाम नजर आए।
भ्रांतियों पर भारी पड़ी ‘जागरूकता’
वैक्सीनेशन के दौरान स्वास्थ्य विभाग के सामने कई चुनौतियां भी आईं। कई परिवारों में टीके को लेकर भ्रांतियां थीं, जिन्हें दूर करने के लिए विशेष प्रयास किए गए। सकारात्मक तथ्यों और वीडियो के माध्यम से लोगों के मन से डर निकाला गया। प्रिंट मीडिया के माध्यम से उन बालिकाओं के अनुभव प्रकाशित किए गए जिन्होंने टीका लगवाया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर कैंसर से बचाव के वैज्ञानिक लाभ बताए।
सुरक्षित हुईं 15,942 बेटियां
मुख्य चिकित्सा एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शोभा पटेल और जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. एल.पी. भकोरिया के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम ने फील्ड पर पसीना बहाया। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. भकोरिया ने बताया कि हमने जिले की 15,942 बालिकाओं को सुरक्षित करने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। सबसे सुखद बात यह है कि वैक्सीनेशन के बाद किसी भी बालिका में कोई प्रतिकूल प्रभाव देखने को नहीं मिला। अब ये बेटियां भविष्य में होने वाले कैंसर जैसे गंभीर रोगों से सुरक्षित हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कार्यकर्ताओं, आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और उन अभिभावकों को जाता है जिन्होंने विज्ञान और स्वास्थ्य पर भरोसा जताया। राजगढ़ मॉडल अब अन्य जिलों के लिए भी एक मिसाल बन गया है।


