लापरवाही,, भर्ती मरीजों को पलंग पर नही मिल रही चादर,रेगजिन के पलंग पर सोने को मजबूर मरीज

राजगढ़
जिला अस्पताल हरदिन किसी न किसी मामले को लेकर सुर्खियों में बना रहता है और जब भी कोई मामला सामने आता हे तो उसे तत्काल दुरुस्त करवाने की प्रक्रियाएं भी की जाती है लेकिन कुछ दिनों बाद ही सब भूलकर वापस वही स्थिति निर्मित हो जाती है जिसे लेकर हमेशा मरीजों और उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है l ऐसा ही एक ताजा मामला शुक्रवार को देखने में आया जहां मीडियाकर्मी द्वारा अस्पताल के सर्जिकल वार्ड और महिला वार्ड में भर्ती मरीजों को देखा जहां अधिकाक्ष पलंग पर भर्ती मरीजों के पलंग पर चादर तक नही बिछाई गई थी बिना चादर के ऐसी भीषण गर्मी में भर्ती मरीज रेगजीन के पलंग पर अपना उपचार कराने को मजबूर हे वहीं भर्ती मरीजों के परिजनों ने इसे लेकर कहा की हमने चादर के बोला भी लेकिन हमे चादर नही दी गई वहीं सोचने वाली बात हे की एक और अस्पताल प्रबंधक द्वारा प्रेस नोट जारी कर अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का ढिढोरा पीटा जा रहा हे वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत में भर्ती मरीजों को पलंग पर चादर तक उपलब्ध नहीं हो पा रही जो की अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही को दर्शाता है वहीं अक्सर यही होता आया हे की अस्पताल में हो रही लापरवाहियों को लेकर जब भी मीडिया द्वारा खबरों के माध्यम से कोई भी मामला सामने लाया जाता हे तो उसके बाद उस पर संज्ञान लेते हुए कार्यवाही तो होती हे लेकिन कुछ दिनों बाद ही सब भूलकर वापस स्थिति वही निर्मित हो जाती है वहीं हद तो तब हो जाती है जब उसी अस्पताल में अस्पताल के सभी जिम्मेदार अधिकारियों का चेंबर भी है और सभी वहीं बैठते हे लेकिन कोई भी जिम्मेदार समय समय पर वार्डों का निरीक्षण क्यों नहीं करते यह एक विचारणीय प्रश्न हे यदि अस्पताल प्रबंधन के जिम्मेदार समय समय पर वार्डों का निरीक्षक करते रहे तो अव्यस्थाओं में काफी सुधार हो सकता है लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों को इतनी भी फुर्सत नहीं की अपनी जिम्मेदारी को लेकर सही समय पर अस्पताल में फैली अव्यवस्थों को दुरुस्त करवाकर मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध करवाया जा कर जिम्मेदार स्टॉफ को निर्देशित किया जाए और लापरवाही दिखाई देने पर कार्यवाही की जाए अब देखना होगा कि अस्पताल प्रबंधन उक्त मामले को लेकर क्या कार्यवाही करता हे और उस पर कितने समय तक अमल किया जाता हे यह तो आने वाला समय ही बताएगा l
इनका कहना है
गर्मी के मोसम में मरीजों की संख्या बड़ी हे वैसे चादर की कोई कमी नही पुराने मरीज चले जाते हे और नए मरीज आते हे तो उस चादर को हटा देते है ऐसा ही चलता रहता है जिसकी वजह से कुछ कमी रह जाती है आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है तो हम वार्ड इंचार्ज से बात कर जो कमी हे उसे ठीक करवा देंगे l
डॉ. अमित कोली – आरएमओ राजगढ़



