ई-टोकन नियमों का उल्लंघन करने वाले 16 उर्वरक विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई 6 लाइसेंस निलंबित, 10 पर जुर्माना प्रशासन की कड़ी निगरानी जारी

राजगढ़ मध्यप्रदेश शासन के किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्रालय के निर्देशानुसार एवं जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में उर्वरक वितरण को पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाने हेतु ई-टोकन प्रणाली को अनिवार्य किया गया है। निर्धारित प्रावधानों के अनुसार 01 अप्रैल, 2026 से ई-टोकन के बिना उर्वरक विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसके बावजूद जिले में कुछ विक्रेताओं द्वारा नियमों का उल्लंघन करते हुए पारंपरिक तरीके से उर्वरक विक्रय किया जा रहा था।
साथ ही 02 अप्रैल, 2026 को आई.एफ.एम.एस. पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई करते हुए कुल 16 उर्वरक विक्रेताओं पर दंडात्मक कार्रवाई की गई। जिनमें इन विक्रेताओं के लाइसेंस किए गए निलंबित विशाल ट्रेडर्स, जीरापुर
श्री कृष्णा कृषि सेवा केन्द्र, खुजनेर, महादेव इंटरप्राइजेज, बोड़ा, गोपाल ट्रेडर्स, ब्यावरा
सांवरिया ट्रेडर्स, ब्यावरा
लोधी कृषि सेवा केन्द्र, सुठालिया आदि।
इन विक्रेताओं पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना श्री दांगी कृषि सेवा केन्द्र, खिलचीपुर
श्री राम इंटरप्राइजेज, खिलचीपुर, हर्षिता इंटरप्राइजेज, माचलपुर
राधेकृष्ण ट्रेडर्स, खुजनेर
नागर ट्रेडर्स, खुजनेर
श्री फलोदी इंटरप्राइजेज, पचोर
इफको ई-बाजार, सारंगपुर
कृष्णा ट्रेडर्स, ब्यावरा
श्री बालाजी ट्रेडर्स, ब्यावरा
मंडलोई कृषि सेवा केन्द्र, सुठालिया आदि।
उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने बताया कि यह कार्रवाई आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 एवं उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में उर्वरक वितरण एवं विक्रय पर सतत निगरानी रखी जा रही है तथा भविष्य में भी किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से ही उर्वरक वितरण सुनिश्चित करें, अन्यथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।


