मध्यप्रदेश

पत्रकारिता का महाकुंभ: अमरकंटक में गूँजा पत्रकार एकता का शंखनाद, धनपुरी के जांबाज कलमकारों ने बढ़ाई कार्यक्रम की शोभा

 

अमरकंटक/शहडोल।(असलम बाबा)नर्मदा की उद्गम स्थली और आध्यात्मिक ऊर्जा के केंद्र अमरकंटक में ‘भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ’ (आई.एफ.डब्ल्यू.जे.) की 144वीं राष्ट्रीय कार्यसमिति एवं मध्य प्रदेश इकाई की दो दिवसीय बैठक ने देशव्यापी पत्रकार एकता का एक नया इतिहास रच दिया है। 28 और 29 मार्च 2026 को आयोजित इस गरिमामयी समागम में देशभर के 20 से अधिक राज्यों से आए लगभग 350 पत्रकारों ने शिरकत की, जिसमें धनपुरी के वरिष्ठ पत्रकारों की मौजूदगी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

धनपुरी की कलम का दिखा दम

इस ऐतिहासिक आयोजन में शहडोल जिले के धनपुरी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए वरिष्ठ पत्रकार श्री शमीम खान, डॉ. विजय सिंह, श्री कैलाश महोबिया, एमडी नदीम खान और महेंद्र सिंह बघेल ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। कार्यक्रम के दौरान इन अनुभवी पत्रकारों ने न केवल संगठन की मजबूती पर बल दिया, बल्कि क्षेत्रीय पत्रकारों की समस्याओं को भी प्रमुखता से राष्ट्रीय पटल पर रखा। मंच द्वारा धनपुरी की इस ऊर्जावान टीम का विशेष सम्मान करते हुए उनके समर्पण की सराहना की गई।

शंखनाद से हुई भव्य शुरुआत

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और मंत्रोच्चार के साथ हुआ। मुख्य अतिथि पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदे लाल सिंह मार्को और विशिष्ट अतिथि कल्याण सेवा आश्रम के हिमाद्री मुनि के सान्निध्य में यह आयोजन आध्यात्मिक आभा से सराबोर रहा। शंखध्वनि के बीच पत्रकारों ने अपनी सुरक्षा और अधिकारों के लिए एकजुट होने का संकल्प लिया।

पत्रकार सुरक्षा कानून: समय की मांग

अधिवेशन में पत्रकारों के हितों को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश भार्गव ने जोर देकर कहा कि:

“पत्रकार समाज का दर्पण हैं, लेकिन आज उनकी सुरक्षा और सम्मान दांव पर है। आई.एफ.डब्ल्यू.जे. निरंतर पत्रकार सुरक्षा कानून, स्वास्थ्य सुरक्षा और पेंशन योजना को सरल बनाने के लिए संघर्षरत है।”

विधायक फुंदे लाल सिंह मार्को ने पत्रकारों की मांगों को जायज ठहराते हुए आश्वस्त किया कि वे मुख्यमंत्री तक इन बातों को पहुँचाएंगे और पत्रकार सुरक्षा कानून को लागू करवाने हेतु हर संभव प्रयास करेंगे।

संगठन विस्तार और ऐतिहासिक स्वागत

मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष उपेंद्र गौतम ने संगठन के स्वर्णिम इतिहास (1950 से स्थापित) का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे यह महासंघ देश का पहला पंजीकृत ट्रेड यूनियन पत्रकार संगठन है। शहडोल जिला इकाई के अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी और अनूपपुर जिला अध्यक्ष राजनारायण द्विवेदी के कुशल नेतृत्व में देशभर से आए अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया।

अमरकंटक पहुँचने के मार्ग में बुढ़ार, धनपुरी, अमलाई और बरगवां जैसे स्थानों पर पुष्पवर्षा और आतिशबाजी के साथ पत्रकारों की रैली का स्वागत हुआ, जिसने पूरे वातावरण को उत्सव में बदल दिया।

एकजुटता का संदेश

इस दो दिवसीय सत्र में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गोवा, महाराष्ट्र, केरल और गुजरात जैसे राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के सफल संचालन में श्याम दास मानिकपुरी की अहम भूमिका रही। आयोजन के अंत में राहुल सिंह राणा और उनकी टीम ने सभी का आभार व्यक्त किया।

यह सम्मेलन केवल एक बैठक नहीं, बल्कि पत्रकारिता के गिरते मूल्यों को बचाने और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक “मील का पत्थर” साबित हुआ है। धनपुरी के पत्रकारों की इस सहभागिता ने यह सिद्ध कर दिया कि आंचलिक पत्रकारिता ही राष्ट्रीय संगठन की असली शक्ति है।

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