पत्रकारिता का महाकुंभ: अमरकंटक में गूँजा पत्रकार एकता का शंखनाद, ‘सुरक्षा कानून’ पर आर-पार की हुंकार

खास बातें:
IFWJ की 144वीं राष्ट्रीय कार्यसमिति में देश के 15 से अधिक राज्यों के 350 प्रतिनिधि जुटे।
विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने कहा- सरकार तक पहुँचाएंगे पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग।
शहडोल से अमरकंटक तक भव्य वाहन रैली, पुष्पवर्षा और आतिशबाजी से हुआ ऐतिहासिक स्वागत।
अमरकंटक/शहडोल। (असलम बाबा )नर्मदा के उद्गम स्थल, पवित्र नगरी अमरकंटक में भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ (IFWJ) के बैनर तले पत्रकारिता का एक नया इतिहास लिखा गया। 28 और 29 मार्च को आयोजित दो दिवसीय 144वीं राष्ट्रीय कार्यसमिति और मध्य प्रदेश इकाई की बैठक में देशभर के करीब 350 कलमकारों ने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। आयोजन ने न केवल संगठन की शक्ति दिखाई, बल्कि पत्रकारों के हितों और सुरक्षा के लिए एक निर्णायक रणभेरी भी बजा दी।
शंखनाद के साथ हुआ वैचारिक मंथन
कार्यक्रम का आगाज माँ सरस्वती के पूजन और मंत्रोच्चार के बीच शंखनाद से हुआ। मुख्य अतिथि पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदे लाल सिंह मार्को ने दीप प्रज्वलन कर सम्मेलन की शुरुआत की। अपने संबोधन में विधायक मार्को ने पत्रकारों के संघर्ष को जायज ठहराते हुए कहा कि “लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून आज की अनिवार्य आवश्यकता है।” उन्होंने आश्वासन दिया कि वे व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री से मिलकर इन मांगों को प्राथमिकता के साथ रखेंगे।
एजेंडे पर मुहर: पेंशन और सुरक्षा प्राथमिकता
IFWJ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश भार्गव ने संगठन की 76 वर्षों की गौरवशाली विरासत (स्थापना 1950) का हवाला देते हुए मीडिया काउंसिल के गठन का प्रस्ताव रखा। सम्मेलन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किए गए कि पत्रकारों की पेंशन योजना को सरल बनाया जाए और स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा बढ़ाया जाए। वहीं, मध्य प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र गौतम ने प्रदेश में संगठन के तेजी से बढ़ते जनाधार पर संतोष जताया और शासन की योजनाओं को अंतिम छोर के पत्रकार तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
शहडोल से अमरकंटक तक ‘विजय रथ’ सा नजारा
राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व के आगमन पर शहडोल से लेकर अमरकंटक तक का मार्ग उत्सव में बदल गया। बुढ़ार, धनपुरी, अमलाई, बरगवां और राजेंद्रग्राम में पत्रकारों और स्थानीय नागरिकों ने जगह-जगह भव्य स्वागत द्वार बनाकर, आतिशबाजी कर और पुष्पमालाओं से अतिथियों का अभिनंदन किया। वाहन रैली के दौरान उमड़ा जनसैलाब इस आयोजन की व्यापकता को दर्शा रहा था।
देशभर के दिग्गजों ने भरी हुंकार
मंच पर उत्तराखंड की सुलोचना पयाल, गोवा के भरत बेतकेकर, महाराष्ट्र के हितेश मलनकर, बिहार के अनमोल कुमार और आंध्र प्रदेश के पी. रामकृष्णन सहित राजस्थान, गुजरात और केरल के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी। सभी ने एक स्वर में कहा कि IFWJ देश का पहला पंजीकृत ट्रेड यूनियन है और पत्रकारों के हक की लड़ाई में पीछे नहीं हटेगा।
आयोजन टीम का कुशल प्रबंधन
सम्मेलन को सफल बनाने में प्रभारी राहुल सिंह राणा के नेतृत्व में पूरी टीम ने जी-जान लगा दी। संयोजक अरविंद द्विवेदी, आयोजक मण्डल के अनिल द्विवेदी, गोपाल दास बंसल, और संभागीय अध्यक्ष विजय उरमलिया के साथ शहडोल जिलाध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी और अनूपपुर जिलाध्यक्ष राजनारायण द्विवेदी की टीम ने मेहमानों का आत्मीय स्वागत किया। शाम दास मानिकपुरी ने कार्यक्रम का बेहतरीन संचालन कर आयोजन की गरिमा बढ़ा दी।
निष्कर्ष:
अमरकंटक का यह सम्मेलन केवल एक बैठक नहीं, बल्कि बदलते परिवेश में पत्रकारिता की चुनौतियों से लड़ने का एक रोडमैप साबित हुआ है। 15 राज्यों की सहभागिता ने यह सिद्ध कर दिया है कि IFWJ आज भी देश का सबसे सशक्त और एकजुट संगठन है।



