होली पर मिलावटखोरों के विरुद्ध शहडोल प्रशासन का ‘हल्ला बोल’::
बुढ़ार और जिला मुख्यालय के मिष्ठान भंडारों पर बड़ी कार्रवाई

शहडोल | 01 मार्च 2026 होली के पावन पर्व पर आम जनमानस के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शहडोल जिला प्रशासन पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह के सख्त रुख और स्पष्ट निर्देशों के बाद, खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी के विरुद्ध जिले भर में एक व्यापक घेराबंदी शुरू कर दी है। त्योहारों के दौरान बढ़ती मांग का लाभ उठाकर अमानक खाद्य सामग्री खपाने वाले तत्वों पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने अपनी टीमों को मैदान में उतार दिया है, जिससे खाद्य कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
सैंपलिंग की सघन प्रक्रिया और स्वच्छता मानकों का कड़ा ऑडिट: लैब रिपोर्ट के आधार पर होगी ‘जीरो टॉलरेंस’ कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री आर.के. सोनी के नेतृत्व में गठित विशेष सचल दल ने रविवार को शहडोल नगर और बुढ़ार क्षेत्र के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों पर औचक दबिश दी। इस दौरान न केवल निर्मित मिठाइयों की गुणवत्ता परखी गई, बल्कि निर्माण इकाइयों (किचन) और भंडारण गृहों (कोल्ड स्टोरेज) की स्वच्छता का भी सूक्ष्मता से निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दायरे में आए प्रमुख संस्थान:
बुढ़ार नगर क्षेत्र: टीम ने बुढ़ार स्थित गणेश मिष्ठान, श्याम मिष्ठान, अंकुर स्वीट्स, जोधपुर स्वीट्स और आदर्श भोग भंडार में घंटों तक सघन तलाशी ली। यहाँ खोवा और पनीर के स्टॉक की विशेष जांच की गई।
शहडोल मुख्यालय: जिला मुख्यालय पर शिव डेयरी, गोकुल डेयरी, राजस्थान स्वीट्स, बबलू डेयरी, पंजाब डेयरी और कोलकाता डेयरी सहित अन्य संस्थानों पर छापामार कार्रवाई की गई।
प्रशासनिक सख्ती और आगामी रणनीति:
नमूना संग्रहण: निरीक्षण के दौरान रसगुल्ला, कलाकंद, खोवा, घी और रंगीन मिठाइयों के नमूने विधिवत सील कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
हाइजीन और लीगल नोटिस: अधिकारियों ने निर्माण प्रक्रिया में स्वच्छता की कमी पाए जाने पर कई संचालकों को मौके पर ही फटकार लगाई और ‘सुधार नोटिस’ जारी किए। उन्हें सख्त हिदायत दी गई है कि गुणवत्ता से समझौता उपभोक्ताओं के जीवन से खिलवाड़ माना जाएगा।
कठोर दंडात्मक प्रावधान: प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि लैब रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत भारी जुर्माना, एफआईआर (FIR) और लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे जागरूकता बरतें और किसी भी संदिग्ध खाद्य सामग्री की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम को दें। प्रशासन का यह ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान होली पर्व की समाप्ति तक निरंतर जारी रहेगा।

