‘क्लस्टर विकास कार्यक्रम से बिहार का कृषि परिदृश्य बदलेगा’- राम कृपाल यादव

पटना :कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने आज बिहार में क्लस्टर विकास कार्यक्रम (Cluster Development Programme – CDP) के अंतर्गत आयोजित दो-दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य राज्य में कृषि निवेश को बढ़ावा देना और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) की तैयारी में तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करना है।
इस अवसर पर कृषि विभाग के सचिव नर्मदेश्वर लाल और निदेशक उद्यान अभिषेक कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
माननीय मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार कृषि अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) का प्रभावी एवं अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए ठोस रणनीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा AIF की राशि 1 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये करने का निर्णय कृषि क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है।
मंत्री ने कहा कि बिहार में कृषि उत्पादन प्रचुर मात्रा में है, किंतु भंडारण, फूड प्रोसेसिंग, गुणवत्ता प्रमाणन, पैकेजिंग और सशक्त विपणन व्यवस्था के अभाव में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और क्लस्टर विकास कार्यक्रम के माध्यम से मजबूत पोस्ट-हार्वेस्ट इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव होगी।
उन्होंने कहा कि राज्य की उपजाऊ मिट्टी, समृद्ध जल संसाधन और मेहनती किसान बिहार की सबसे बड़ी पूंजी हैं। बिहार लीची, मखाना, मशरूम, आम, शहद, आलू और केले जैसे उत्पादों में देश में अग्रणी है। ‘शाही लीची’ और ‘मिथिला मखाना’ जैसे GI-टैग्ड उत्पाद राज्य की गुणवत्ता, विशिष्टता और वैश्विक पहचान का प्रतीक हैं।
क्लस्टर विकास कार्यक्रम के अंतर्गत तीन मुख्य चरणों पर एकीकृत हस्तक्षेप किए जाएंगे—
उत्पादन पूर्व तैयारी – बीज, उर्वरक, उपकरण और प्रशिक्षण के माध्यम से उत्पादन क्षमता बढ़ाना।
फसल कटाई उपरांत प्रबंधन एवं मूल्य संवर्धन – पैकहाउस, कोल्ड-चेन, प्रोसेसिंग और गुणवत्ता नियंत्रण के माध्यम से उपज का मूल्य बढ़ाना।
मार्केटिंग और ब्रांडिंग – बाजार तक पहुँच, ब्रांड निर्माण और विपणन रणनीति के जरिए उत्पादों को बेहतर मूल्य दिलाना।
कार्यशाला में इच्छुक निवेशकों, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), बैंकों और उद्यमियों को उपयुक्त क्लस्टर चयन, परियोजना प्रारूप निर्माण और बैंक योग्य DPR तैयार करने हेतु तकनीकी मार्गदर्शन दिया गया। बिहार सरकार ने CDP प्रस्तावों के लिए सुदृढ़ एकल खिड़की व्यवस्था, समयबद्ध अनुमतियाँ और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।
माननीय मंत्री ने निवेशकों से अपील की कि वे पैकहाउस, कोल्ड-चेन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश करें। इसके माध्यम से बिहार की कृषि मूल्य श्रृंखला मजबूत होगी, किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
राम कृपाल यादव ने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल बिहार की कृषि संरचना को सशक्त बनाएगा, बल्कि किसानों, उद्यमियों और राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि तकनीकी नवाचार, निवेश और कुशल प्रबंधन के माध्यम से बिहार का कृषि परिदृश्य आने वाले वर्षों में पूरी तरह बदल जाएगा।




