राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राष्ट्रीय सेवा योजना के उत्कृष्ट स्वयंसेवकों से किया संवाद

रांची राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रांची स्थित लोकभवन में राष्ट्रीय सेवा योजना, एनएसएस के उत्कृष्ट स्वयंसेवकों से संवाद किया। श्री गंगवार ने इस दौरान कहा कि एनएसएस का मूल मंत्र स्वयं से पहले समाज, युवाओं को सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना से जोड़ता है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में एनएसएस के स्वयंसेवकों के योगदान की सराहना की। राज्यपाल ने नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय बैंड प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले झारखण्ड के प्रतिभागियों को भी बधाई दी और स्वयंसेवकों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने समाज और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी के लिए सभी को प्रेरित किया। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रांची स्थित लोक भवन में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना, एनएसएस के उत्कृष्ट स्वयंसेवकों से संवाद स्थापित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों की उपलब्धियाँ पूरे राज्य के लिए गौरव का विषय हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि कुछ स्वयंसेवकों को भारत की माननीया राष्ट्रपति महोदया द्वारा सम्मानित होने का अवसर प्राप्त हुआ है, कुछ ने नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड शिविर–2026 में झारखण्ड का प्रतिनिधित्व किया तथा कुछ गणतंत्र दिवस एवं स्वतंत्रता दिवस समारोह में अतिथि के रूप में सहभागी रहे। यह उनकी प्रतिबद्धता, अनुशासन और सेवा-भाव का प्रमाण है। राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि झारखण्ड के स्वयंसेवकों को ‘विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग–2026’ में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हुआ। यह न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि राज्य के लिए भी सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल मंत्र “स्वयं से पहले समाज”, युवाओं को सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना से जोड़ता है। स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर, पर्यावरण संरक्षण, ग्राम विकास, आपदा राहत एवं सामाजिक जागरूकता जैसे क्षेत्रों में NSS स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका सराहनीय है। उन्होंने लोक भवन में स्वामी विवेकानन्द जी की जयंती पर आयोजित रक्तदान शिविर में स्वयंसेवकों की सहभागिता की सराहना की। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड शिविर में चयन अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने इस अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय बैंड प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले झारखण्ड के विद्यार्थियों को भी बधाई दी। विदित हो कि पाइप बैंड प्रतियोगिता (बालिका वर्ग) में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, कांके तथा (बालक वर्ग) में कैराली स्कूल, सेक्टर-2 के विजेता बनने एवं ब्रास बैंड (बालक वर्ग) में संत जेवियर हाई स्कूल, लुपुंगुटू, चाईबासा द्वारा तृतीय स्थान प्राप्त करने को राज्य के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। राज्यपाल ने स्वयंसेवकों से अपेक्षा की कि यह सम्मान उनके भीतर और अधिक जिम्मेदारी की भावना उत्पन्न करे तथा वे समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाते रहें। उन्होंने स्वामी विवेकानन्द जी के प्रेरक वाक्य— “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए”, का उल्लेख करते हुए युवाओं को निरंतर प्रयास और उत्कृष्टता की ओर अग्रसर रहने का संदेश दिया। राज्यपाल ने स्वयंसेवकों को सम्मानित किया तथा सभी स्वयंसेवकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।




