इस बार होली गौ-काष्ठ वाली पर्यावरण संरक्षण का संदेश

होली पर्व को पर्यावरण अनुकूल एवं जिम्मेदारी के साथ मनाने के उद्देश्य से प्रदेशवासियों से अपील की गई है कि इस वर्ष होलिका दहन में लकड़ी के स्थान पर गौ-काष्ठ का उपयोग करें।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने संदेश देते हुए कहा है कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। होलिका दहन में अत्यधिक लकड़ी के उपयोग से पेड़ों की कटाई बढ़ती है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में गोमाता के गोबर से निर्मित “गौ-काष्ठ” एक प्राकृतिक, शुद्ध, सुरक्षित एवं पर्यावरण हितैषी विकल्प है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि सभी नागरिक मिलकर हरियाली बचाने का संकल्प लें तथा स्वच्छ और जिम्मेदार होली मनाएं। उन्होंने कहा कि गौ-काष्ठ के उपयोग से जहां एक ओर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं गौ-आधारित उत्पादों को प्रोत्साहन भी मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
जिला प्रशासन ने नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं स्थानीय निकायों से अपील की है कि वे जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को गौ-काष्ठ के उपयोग हेतु प्रेरित करें, ताकि पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।


