न्यू लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में निःशुल्क पी.एन.टी. कोचिंग हेतु पंजीयन प्रारंभ
25 फरवरी से 23 मार्च 2026 तक होंगे आवेदन, आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाओं को मिलेगा सशक्त अवसर

बैैकुंठपुर-कोरिया।शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सामाजिक प्रतिबद्धता का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बैैकुंठपुर स्थित न्यू लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग ने प्री-नर्सिंग टेस्ट (पी.एन.टी.) की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग कार्यक्रम प्रारंभ किया है। संस्था द्वारा यह पहल विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर तथा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए सुदृढ़ मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।
संस्थान के संचालक डॉ. प्रिंस जायसवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ व्यापम द्वारा आयोजित प्री-नर्सिंग टेस्ट, चयन परीक्षा के लिए पंजीयन 25 फरवरी से 23 मार्च 2026 तक संस्था कार्यालय में किया जाएगा। आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 हेतु आयोजित संभावित परीक्षा 11 जून 2026 को प्रस्तावित है। ऐसे में विज्ञान संकाय (भौतिकी, रसायन एवं जीवविज्ञान) से बारहवीं उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं के लिए यह सुनहरा अवसर है कि वे व्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण तैयारी का लाभ उठाएं।
संस्थान, छत्तीसगढ़ शासन, इंडियन नर्सिंग काउंसिल, सीजीएनआरसी तथा आयुष विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त है और गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा के लिए अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। यहां अनुभवी एवं विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप सुव्यवस्थित अध्ययन सामग्री, आधुनिक शिक्षण पद्धति और नियमित मूल्यांकन प्रणाली के माध्यम से विद्यार्थियों को सशक्त बनाया जा रहा है।
संस्थान केवल परीक्षा उतीर्ण कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण कुशल स्वास्थ्यकर्मी तैयार करने के संकल्प के साथ कार्य कर रहा है। विद्यार्थियों को जिला चिकित्सालय बैैकुंठपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना, एसईसीएल क्षेत्रीय अस्पताल चरचा तथा रांची स्थित प्रतिष्ठित मानसिक स्वास्थ्य एवं विज्ञान संस्थान में प्रायोगिक प्रशिक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे उन्हें वास्तविक चिकित्सा परिस्थितियों का अनुभव प्राप्त हो सके।
छात्रवृत्ति, सुरक्षित छात्रावास, परिवहन व्यवस्था और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाओं के साथ यह पहल क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के समन्वित विकास की दिशा में एक सार्थक प्रयास सिद्ध हो रही है।


