ट्रांसजेंडर समुदाय से किसी प्रकार का भेदभाव न करें- राज्यपाल

बस्ती: राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज जनपद बस्ती में भारत सरकार के स्माइल योजनान्तर्गत ट्रांसजेंडर समुदाय हेतु नवनिर्मित गरिमा गृह का उद्घाटन किया तथा परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल जी ने कहा कि समाज का प्रत्येक नागरिक समान अधिकारों का अधिकारी है और ट्रांसजेंडर समुदाय को सम्मानजनक जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकार, सम्मान, सुरक्षा एवं सामाजिक सहभागिता को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। राज्यपाल जी ने कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण आवश्यक है तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दिया जाना चाहिए। उन्होंने समाज से अपील की कि ट्रांसजेंडर समुदाय को स्वीकार करें, किसी प्रकार का भेदभाव न करें और उन्हें सम्मान प्रदान करें। राज्यपाल जी ने कहा कि ट्रांसजेंडर जन्म से ही होते हैं, अतः उन्हें शिक्षा एवं रोजगार के समान अवसर प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाना अत्यंत आवश्यक है। बस्ती से प्रारंभ हुई यह पहल सराहनीय है। उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा ट्रांसजेंडर पैदा होता है तो उसे परिवार में सम्मानपूर्वक रखा जाए तथा पड़ोस या समाज द्वारा किसी प्रकार की टीका-टिप्पणी न की जाए। यह एक पुण्य कार्य है। उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय से शिक्षा ग्रहण कर आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज उन्हें स्वीकार करने के लिए तैयार है। उन्होंने इंदिरा चौरिटेबल ट्रस्ट के अजय पाण्डेय द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश में ट्रांसजेंडर समुदाय के उत्थान हेतु राज्यपाल जी के योगदान पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गयी, जिसे उपस्थित जनसमूह द्वारा अत्यंत सराहा गया।




