मध्यप्रदेश

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर गूंजा देशभक्ति का स्वर

बुढ़ार ब्लॉक कांग्रेस ने सुभाष चौक पर किया श्रद्धासुमन अर्पण, आज़ादी के अमर सेनानी को किया नमन**

मोहम्मद असलम बाबा 

 

धनपुरी।भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर नायक, आज़ाद हिन्द फौज के संस्थापक एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के पावन अवसर पर बुढ़ार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा सुभाष चौक, धनपुरी क्रमांक-3 स्थित उनकी प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।

कार्यक्रम में नेताजी के अदम्य साहस, त्याग, बलिदान और “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा” जैसे ओजस्वी उद्घोष को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस केवल एक नेता नहीं, बल्कि भारत की आत्मा में धड़कने वाला क्रांतिकारी विचार थे, जिन्होंने विदेशी शासन की जंजीरों को तोड़ने के लिए सशस्त्र संघर्ष का मार्ग अपनाया और लाखों युवाओं में राष्ट्रप्रेम की ज्वाला प्रज्वलित की।

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदीप सिंह, जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम सिंह, नगर पालिका परिषद धनपुरी के पूर्व उपाध्यक्ष संतोष सिंह सेंगर सहित अनेक वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने नेताजी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन निडरता, स्वाभिमान और राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च समर्पण का प्रतीक है, जो आज भी देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

कार्यक्रम में बुढ़ार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अंकित सिंह,

इबरार ख़ान, मो. इक़बाल, प्रसाद नईम ख़ान, एस. पी. सिंह, विमल सिंह, प्रदीप रावत, नीलम सिंह, नीलम शुक्ला, सुमन राय, सुजाता बैरागी, नेहा ख़ान, रेखा कोल, ओंकार सिंह, निज़ाम भाई जान, अभिषेक वर्मा, निक्की तिवारी, तीरथ सिंह, सूरज महोबिया, कमलेश कोल, मोहन बैगा, सुग्रीव पाल, पवन यादव, गगन सेन, विकास चौधरी, संदीप रावत, आकाश पनिका, बंटी मेहतो, सुशांत सिंह, गुड्डू, अख़्तर, ज़ाहिद, अर्जुन प्रजापति, सरपंच बलकरन सिंह, लालू बैगा, शिवम बर्मन, गौतम मेहतो, अमन केवट सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं नागरिक उपस्थित रहे।

समारोह का वातावरण देशभक्ति के नारों, भारत माता की जय और नेताजी अमर रहें के उद्घोष से गूंज उठा। सभी उपस्थितजनों ने नेताजी के बताए मार्ग पर चलने, संविधानिक मूल्यों की रक्षा, राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने का संकल्प लिया।

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