*बाल विवाह मुक्त अभियान अंतर्गत बावड़ीखेड़ा, करकरी में पंचायत स्तरीय संवाद कार्यक्रम आयोजित

बाल विवाह मुक्त राजगढ़ अभियान अंतर्गत पंचायत स्तरीय संवाद कार्यक्रम का आयोजन ग्राम पंचायत बावड़ीखेड़ा, करकरी किया गया। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देशन में पंचायत स्तर एवं ब्लॉक स्तर पर कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें बाल विवाह रोकथाम हेतु समुदाय के साथ सीधा संवाद किया गया। इस दौरान बच्चों की शादी से संबंधित समुदाय और परिजनों के मन में चल रहे प्रश्नों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास प्रशासक वन स्टॉप सेंटर प्रभारी एवं बाल विवाह मुक्त कार्यक्रम प्रभारी श्रीमती रश्मि चौहान द्वारा संवाद कार्यक्रम में बताया कि बाल विवाह को रोकने के लिए बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 लागू है, इस कानून के तहत, 21 वर्ष से कम आयु के पुरुष और 18 वर्ष से कम आयु की महिला के विवाह पर रोक है। बाल विवाह रोकने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न उपाय किए जाते हैं, जैसे जागरूकता अभियान चलाना, निगरानी रखना और कानूनी कार्रवाई करना। बाल विवाह करने या कराने वाले को सजा का प्रावधान है। इसके लिए दंड प्रक्रिया संहिता के तहत कानूनी कार्रवाई की जाती है। इस अधिनियम में बाल विवाह से प्रभावित महिला और बच्चे के लिए भरण-पोषण और निवास के प्रावधान हैं।
वन स्टॉप सेंटर प्रभारी श्रीमती चौहान ने बताया कि राजगढ़ जिले में बाल विवाह नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) वन स्टॉप सेंटर कार्यालय में 24×7 सक्रिय है, जिसका नंबर है — 07372-254360। इसके अतिरिक्त 181, 1098 और 112 नंबरों पर भी बाल विवाह की सूचना दी जा सकती है। बालिकाओं को घर में सीमित न रखें, बल्कि उन्हें शिक्षा दें,* क्योंकि शिक्षा ही वह माध्यम है जो उनके जीवन को आगे बढ़ाने में सहायक है।” उन्होंने यह भी कहा कि बाल विवाह बालको के जीवन में नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
श्रम निरीक्षक श्री मनोज चौहान ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक कुप्रथा है और इसे समाप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों के सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। अहिंसा वेलफेयर सोसायटी की “एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन परियोजना” की समन्वयक सुश्री रजनी प्रजापति ने बच्चों को उनके अधिकारों की जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह न केवल बच्चे के बचपन को छीन लेता है, बल्कि उसके पूरे जीवन को अंधकारमय बना देता है। डीपीए, ए.वी.ए. नीति आयोग श्री लक्ष्मण भागमल ने बाल विवाह से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर चर्चा करते हुए समुदाय को बताया कि यदि कोई व्यक्ति बाल विवाह में शामिल होता है, तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही के साथ-साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा।
जनजागरण कलाकार श्री जमनालाल बैरागी ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर आधारित गीत प्रस्तुत कर समुदाय को प्रेरित किया और उन्हें इस कुप्रथा के विरुद्ध जागरूक किया। कार्यक्रम में खिलचीपुर परियोजना पर्यवेक्षक श्री संतोष चौहान, श्री जितेन्द्र मेवाड़े पटवारी, बावड़ीखेड़ा, पंचायत सहायक सचिव श्री कमल सिंह चौहान, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता सहित समुदाय के सदस्य एवं बच्चे उपस्थित रहे।
कार्यक्रम मे नुक्कड़ नाटक, कटपुतली कलाकारो ने भी बाल विवाह रोकथाम हेतु अपील कीl सभी ने मिलकर बाल विवाह रोकने की शपथ ली और गांव में रैली निकालकर समाज को जागरूक किया। कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि आज समाज और प्रशासन मिलकर बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए एकजुट होकर कार्य कर रहे हैं।

