मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: सिंचाई परियोजनाओं के लिए ₹3,378 करोड़ मंजूर, 12 जिलों में किसानों को मिलेगी राहत किसान कल्याण वर्ष 2026 के तहत किसानों के हितों पर जोर, सामाजिक न्याय की 7 योजनाओं के लिए ₹651 करोड़ स्वीकृत

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में किसानों के कल्याण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने नर्मदा घाटी विकास की चार सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता बनाए रखने के प्रस्तावों को मंजूरी दी। इन परियोजनाओं की कुल लागत ₹3,378 करोड़ है। इसके साथ ही सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग की सात योजनाओं के लिए ₹651 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
कैबिनेट मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2026 को मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में कैबिनेट बैठक के दौरान किसान कल्याण से संबंधित विभागों ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने, उनकी समस्याओं का समाधान करने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
चार सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता को मंजूरी
कैबिनेट ने नर्मदा घाटी विकास की चार परियोजनाओं को जारी रखने के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की है। ये परियोजनाएं वर्ष 2019-20 के आसपास से संचालित हो रही थीं। इनकी कुल लागत ₹3,378 करोड़ बताई गई है। परियोजनाएं छिंदवाड़ा, मुरैना, सागर और सिवनी जिलों से संबंधित हैं। इन परियोजनाओं की निरंतरता से संबंधित क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था को बनाए रखने और कृषि गतिविधियों को सहयोग मिलने की उम्मीद है।
सामाजिक न्याय की सात योजनाओं के लिए ₹651 करोड़
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग की सात योजनाओं के लिए कुल ₹651 करोड़ की राशि मंजूर की गई है। इन योजनाओं के माध्यम से संबंधित विभागीय कार्यक्रमों को निरंतर संचालित करने के लिए वित्तीय प्रावधान किया गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सातों योजनाओं के नाम और उनके लिए अलग-अलग स्वीकृत राशि का विवरण नहीं दिया गया है।
चार नए जिलों में खुलेंगे जिला शिक्षा कार्यालय
प्रदेश के नवगठित निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर जिलों में जिला शिक्षा कार्यालयों के संचालन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इन कार्यालयों के माध्यम से जिला स्तर पर शिक्षा विभाग के कामकाज को सुचारु बनाने और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। नए जिलों में शिक्षा संबंधी योजनाओं की निगरानी, विभागीय समन्वय और प्रशासनिक कार्यों के संचालन को व्यवस्थित करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
12 जिलों में कम बोआई या अल्पवर्षा से प्रभावित होने की आशंका
किसान कल्याण वर्ष 2026 के तहत राज्य सरकार ने कृषि परिस्थितियों पर भी गंभीरता से विचार किया है। कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप के अनुसार, प्रदेश के 12 जिलों को 80 प्रतिशत से कम बोआई अथवा अल्पवर्षा के कारण संभावित रूप से प्रभावित जिलों के रूप में चिह्नित किया गया है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे प्रभावित जिलों के किसानों को स्थानीय स्तर पर राहत उपलब्ध कराने के साथ ही हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। कम बोआई और बारिश की कमी से उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए किसानों की समस्याओं के समाधान पर जोर दिया जा रहा है।
किसानों के हितों की रक्षा पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाते हुए कृषि और किसान हितों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दी है। सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता, संभावित रूप से प्रभावित जिलों के किसानों को सहायता और विभिन्न विभागीय योजनाओं के लिए बजट स्वीकृति इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं।
कैबिनेट के इन निर्णयों का उद्देश्य प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं को बनाए रखना, सामाजिक न्याय से जुड़ी योजनाओं को वित्तीय समर्थन देना, नए जिलों में प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करना और कृषि क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए किसानों को राहत उपलब्ध कराना है।



