RTE की राशि अटकी, निजी स्कूल संचालकों ने खोला मोर्चा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने धरना देकर सौंपा ज्ञापन, लंबित भुगतान शीघ्र करने और बार-बार जानकारी मांगने की प्रक्रिया सरल बनाने की मांग
रिपोर्टर लखन गुर्जर राजगढ़
राजगढ़। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान लंबित होने और निजी विद्यालयों से बार-बार जानकारी मांगे जाने की प्रक्रिया को लेकर सोमवार को निजी स्कूल संचालकों ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन जिला राजगढ़ के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में जिलेभर से सैकड़ों निजी विद्यालय संचालक शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की गई।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि निजी विद्यालयों से अलग-अलग समय पर विभिन्न प्रकार की जानकारियां मांगी जाती हैं। कई बार एक जैसी जानकारी दोबारा उपलब्ध कराने में संचालकों का समय और संसाधन खर्च होते हैं। इससे विद्यालयों के नियमित शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य प्रभावित होते हैं। संगठन ने जानकारी एकत्र करने की प्रक्रिया को सरल, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की मांग उठाई।
RTE की लंबित राशि से आर्थिक परेशानी
निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत पात्र विद्यार्थियों को नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के बदले विद्यालयों को मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान लंबित होने से आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालयों के नियमित संचालन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी इसका असर पड़ सकता है।
संचालकों ने मांग की कि RTE के तहत लंबित प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान जल्द कराया जाए, ताकि विद्यालयों को आर्थिक राहत मिल सके। साथ ही विभागीय जानकारी मांगने की प्रक्रिया ऐसी बनाई जाए, जिससे बार-बार एक ही विवरण उपलब्ध कराने की जरूरत न पड़े।
जिलेभर के संचालक हुए शामिल
धरना-प्रदर्शन में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के संरक्षक प्रणपाल सिंह खींची, जिला अध्यक्ष तेजेन्द्र उपाध्याय, प्रदेश सचिव राकेश पांडे, कमल आलोक प्रसाद, जिला उपाध्यक्ष जफर शैफी, धर्मेंद्र पालीवाल, मोहन नागर, जिला सचिव ऋषभ नागोरी, लोकेश शर्मा, नरेश लववंशी, सागर सिंह परमार और महेश दांगी सहित अन्य पदाधिकारी एवं विद्यालय संचालक मौजूद रहे।
प्रदर्शन में नरसिंहगढ़, कुरावर, ब्यावरा, सारंगपुर, राजगढ़ और खिलचीपुर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से निजी विद्यालय संचालकों ने भाग लिया। सभी ने एकजुट होकर लंबित भुगतान का शीघ्र निराकरण करने और विभागीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने की मांग उठाई।



