रूबी गुर्जर हत्याकांड: प्रेमी के साथ कॉल पर कनेक्ट थी रूबी, चीखें रिकॉर्ड होने के बाद छा गई खामोशी; पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

मुरैना। 10 सितंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के घाट उतारी गई रूबी गुर्जर मामले में एक चौकाने वाला ऑडियो खुलासा सामने आया है। हरदोई (यूपी) निवासी रूबी के कथित प्रेमी अनुज सिंह के अनुसार, जब परिजन रूबी को मुरैना से गांव ले जा रहे थे, तब अनहोनी की आशंका के चलते रूबी ने उन्हें फोन पर कनेक्ट कर रखा था। गांव पहुंचने पर रूबी ने वाहन से उतरने से इनकार किया था, लेकिन साथ मौजूद महिलाओं द्वारा सुरक्षा का भरोसा देने पर वह उतरी। इसके कुछ ही देर बाद फोन पर रूबी की दर्दनाक चीखें सुनाई दीं और फिर अचानक सन्नाटा छा गया। माना जा रहा है कि फोन गिरने के बाद आरोपियों को कॉल चालू होने का पता चल गया था। मुरैना के एडवोकेट राकेश दुबे ने भी इस ऑडियो रिकॉर्डिंग की पुष्टि की है।
इस वारदात के बाद अब नूराबाद थाना पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना के समय ऑडियो रिकॉर्डिंग में जिन महिलाओं की आवाजें सुनाई दे रही हैं, उनके खिलाफ अब तक एफआईआर (FIR) दर्ज क्यों नहीं की गई? क्या पुलिस उन महिलाओं को बचाने का प्रयास कर रही है?
गौरतलब है कि रूबी गुर्जर ने अपनी हत्या से कुछ ही दिन पूर्व, 24 अगस्त 2026 को ‘वन स्टॉप सेंटर’ के माध्यम से नूराबाद थाना पुलिस को आवेदन देकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी। उसने पूर्व में अपने मकान मालिक सोहन राजपूत (न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी) पर ब्लैकमेलिंग, जबरदस्ती और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बावजूद समय पर सख्त कदम न उठाए जाने और अब ऑडियो में शामिल महिलाओं पर कार्रवाई न होने से पुलिस प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं।



