दूध के भाव बढ़ाने की मांग, 16 सितंबर से अनिश्चितकालीन दूध हड़ताल की चेतावनी देव नारायण दुग्ध संचालक संघ ने मुख्यमंत्री और कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन, 12 रुपये फैट की मांग

राजगढ़। जिले में दूध उत्पादक किसानों और दुग्ध संचालकों ने दूध के भाव बढ़ाने की मांग को लेकर प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखी हैं। देवनारायण दुग्ध संचालक संघ, राजगढ़ की ओर से मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 16 सितंबर 2026 से अनिश्चितकालीन दूध हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान समय में महंगाई लगातार बढ़ रही है, जबकि दूध के दाम उसके अनुपात में पर्याप्त नहीं बढ़े हैं। पशुपालकों को पशु आहार, चारा, खल-कपासिया सहित अन्य सामग्री महंगी दरों पर खरीदनी पड़ रही है। ऐसे में पशुपालन करना किसानों के लिए लगातार मुश्किल होता जा रहा है।
तीन प्रमुख मांगें
दुग्ध संचालक संघ ने ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं—
पशु आहार, चारा, गुड़ एवं खल-कपासिया के दाम कम किए जाएं।
वर्तमान में करीब 9 रुपये प्रति फैट की दर को बढ़ाकर 12 रुपये प्रति फैट किया जाए।
भैंस के दूध का भाव 100 रुपये प्रति लीटर और गाय के दूध का भाव 80 रुपये प्रति लीटर किया जाए।
संघ ने ज्ञापन में कृषि और पशुपालन के आपसी संबंध का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की बड़ी आबादी कृषि आधारित अर्थव्यवस्था से जुड़ी है और खेती के साथ पशुपालन भी किसानों की आय का महत्वपूर्ण साधन है। फसल खराब होने की स्थिति में किसान पशुओं के लिए चारे के रूप में उसका उपयोग कर अपनी आर्थिक स्थिति संभालने का प्रयास करता है।
मांगें नहीं मानी तो दूध की बिक्री बंद करने की चेतावनी
दूध उत्पादकों और संचालकों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 16 सितंबर से अनिश्चितकालीन दूध हड़ताल शुरू की जाएगी। इस दौरान दूध की बिक्री नहीं करने की बात ज्ञापन में कही गई है। संघ ने हड़ताल की जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होने की बात भी कही है।
ज्ञापन देवनारायण दुग्ध संचालक संघ, जिला राजगढ़ की ओर से मुख्यमंत्री एवं कलेक्टर राजगढ़ के नाम दिया गया है। दूध उत्पादकों की इस मांग से आने वाले दिनों में जिले में दूध की उपलब्धता और उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है।
राजगढ़ में दूध के दाम और फैट रेट को लेकर हड़ताल की चर्चा पहले भी सामने आई है; हालिया स्थानीय रिपोर्टों में दूध उत्पादकों की दर बढ़ाने की मांग का उल्लेख हुआ है।


