RAJGARH

किसान सहकारिता से जुड़ें, योजनाओं का लाभ लें और बनें समृद्ध’ उपायुक्त बोले..सहकारिता से किसानों का कल्याण, महाप्रबंधक की अपील..समय पर ऋण चुकाएं, 0% ब्याज का लाभ पाएं 20 अगस्त से 17 सितंबर तक जिले की 140 समितियों में चलेगा विशेष सदस्यता अभियान

राजगढ़। किसानों को सहकारिता की मुख्यधारा से जोड़ने और शासन की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचाने के लिए जिले में विशेष अभियान का शुभारंभ बुधवार से किया गया। 20 अगस्त से 17 सितंबर तक चलने वाले इस अभियान के तहत जिले की 140 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में नवीन सदस्य बनाए जाएंगे। अभियान का शुभारंभ प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था करेड़ी में आयोजित कार्यक्रम से हुआ, जहां बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।

 

कार्यक्रम में उपायुक्त सहकारिता पी.एस. बरोठिया और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के महाप्रबंधक दीपक रघुवंशी ने किसानों को सहकारिता से मिलने वाली सुविधाओं और योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान नवीन सदस्यों का माला पहनाकर स्वागत किया गया तथा उन्हें सदस्यता रसीद प्रदान की गई।

 

उपायुक्त सहकारिता पी.एस. बारोटिया ने कहा कि सरकार सहकारिता के माध्यम से किसानों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। किसान इन योजनाओं से जुड़कर खाद, बीज, ऋण और अन्य सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में सहकारी समितियों की सदस्यता लेने का आह्वान करते हुए कहा कि किसानों को सहकारिता से जोड़ना ही किसान कल्याण और समृद्ध प्रदेश की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

 

वहीं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के महाप्रबंधक दीपक रघुवंशी ने किसानों को ऋण अदायगी के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि सहकारिता विभाग किसानों को 0 प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराता है। इसका लाभ निरंतर मिलता रहे, इसके लिए किसानों को अपने खाते का नियमित लेनदेन करते हुए समय पर ऋण की राशि जमा करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसान समय पर ऋण चुकाएंगे तो आगामी रबी और खरीफ सीजन में उन्हें दोबारा ऋण के साथ खाद एवं बीज की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सकेगी। वही ब्रांच के नए सुपरवाइजर मोहित मौरे ने वहां मौजूद किसानों के साथ ही अन्य किसानों से भी अपील करते हुए अधिक से अधिक नवीन सदस्यता ग्रहण करने का आग्रह किया साथ ही पूरे कार्यक्रम का आभार भी उन्होंने माना

 

सभी ने किसानों से कहा कि सहकारिता विभाग किसानों के साथ खड़ा है, लेकिन योजनाओं का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए किसानों की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। समय पर खाते की पलटी और ऋण अदायगी से किसान सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभा सकते हैं।

 

अभियान के पहले ही दिन करेड़ी समिति में 12नए सदस्यों को सहकारिता से जोड़ा गया। इन सदस्यों की ऋण सीमा तैयार कर स्वीकृति के लिए बैंक भेजी जाएगी। इसके बाद आगामी फसल सीजन में उन्हें खेती के लिए ऋण के साथ खाद-बीज की सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

 

कार्यक्रम में पूर्व मंडी अध्यक्ष हेमंत सिंह पवार, सहकारिता प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष गजेंद्र सिंह खींची, पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष विजय सिंह नानोरी, ग्राम पंचायत सरपंच नरेंद्र सिंह पवार, जनपद सदस्य कमल सिंह, पूर्व भाजपा मंडल महामंत्री मुकेश चौहान, ब्रांच सुपरवाइजर एवं संस्था प्रबंधक मोहित मोरे, सहायक समिति प्रबंधक रामेश्वर निंबार्क, देवराज चौहान, प्रताप सोंधिया सहित दोनों शाखाओं की समितियों के समिति प्रबंधक, कंप्यूटर ऑपरेटर, विक्रेता प्रताप सिंह चौहान तथा बड़ी संख्या में नवीन एवं पुराने किसान मौजूद रहे।

 

सदस्य बनते ही खेती के लिए सहकारिता का साथ

 

नवीन सदस्यता अभियान का उद्देश्य केवल संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को सहकारिता की सुविधाओं से जोड़ना है। सदस्य बनने वाले पात्र किसानों को नियमानुसार ऋण सुविधा, खाद-बीज उपलब्धता तथा किसान हितैषी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। इससे किसानों को खेती की जरूरत के समय निजी स्तर पर आर्थिक संसाधन जुटाने की परेशानी कम होगी और सहकारी संस्थाओं के माध्यम से उन्हें संस्थागत सहयोग मिल सकेगा।

 

खाद के लिए टोकन व्यवस्था भी हुई शुरू

अभियान के शुभारंभ के साथ किसानों के लिए खाद उठाव की प्रक्रिया को भी गति मिली। यूरिया और डीएपी के लिए पोर्टल पर पंजीयन एवं टोकन प्रक्रिया प्रभावित होने के बाद अब व्यवस्था शुरू हो गई है। अभियान के दौरान किसानों के नवीन टोकन जारी किए गए और मौके पर ही खाद उपलब्ध कराई गई। इससे आगामी रबी सीजन की तैयारी में जुटे किसानों को राहत मिली।

इनका कहना

अधिक से अधिक किसान सहकारिता से जुड़ें और शासन की किसान कल्याण योजनाओं का लाभ उठाएं। सहकारिता के माध्यम से किसान कल्याण और समृद्ध मध्यप्रदेश के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।

पी एस बारोटीया

उपयुक्त सहकारिता

,,,समय पर ऋण जमा करना किसानों के हित में है। इससे 0 प्रतिशत ब्याज की सुविधा का लाभ मिलता है और आगामी सीजन में ऋण, खाद एवं बीज की सुविधा प्राप्त करने का रास्ता आसान होता है।।

दीपक रघुवंशी

महाप्रबंधक सीसीबी

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