मध्यप्रदेश

आंबेडकर जयंती पर गूंजा ‘समानता का संदेश’: बुढ़ार ब्लॉक कांग्रेस का भव्य आयोजन, सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने लिया संकल्प

अमराडंडी(धनपुरी)असलम बाबा।संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर धनपुरी नगर के अमराडंडी स्थित उनकी प्रतिमा परिसर में बुढ़ार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा एक गरिमामय और भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अंकित सिंह  ने किया। इस दौरान क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेसजन, मातृशक्ति, युवा कार्यकर्ता और सामाजिक प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे पूरा वातावरण बाबा साहेब के विचारों और आदर्शों से ओत-प्रोत नजर आया।

कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” के मूल मंत्र को आत्मसात करने का सामूहिक संकल्प लिया गया। आयोजन स्थल पर सामाजिक समरसता, समानता और अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश गूंजता रहा।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर का जीवन केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की एक क्रांति है। उन्होंने दलितों, वंचितों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए जो संघर्ष किया, वह आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। उनके विचार आज भी देश में समानता, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं।

कार्यक्रम में राम सिंह, मोहम्मद आज़ाद, संतोष सिंह सेंगर, इबरार खान, नौशेरमा खान, रणविजय सिंह, नीलम सिंह, मोहम्मद कलाम, सुमन राय, सुजाता बैरागी, सरस्वती सिंह, महबूब खान, विक्की पटेल, निजाम खान, निक्की तिवारी, मोहन कुमार, बंटी महतो, प्रकाश कौसरिया, गुड्डू राय, विराट पनिका, अर्जुन दास, अर्जुन प्रजापति, संतोष सिंह गोंड, अनिकेत पनिका, राहुल यादव, गजनी सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी रही। सभी ने एकजुट होकर सामाजिक समरसता और संविधान के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अंकित सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा का प्रसार और समाज में समानता की स्थापना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को संविधान और अधिकारों के प्रति जागरूक करें।

कार्यक्रम का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने बाबा साहेब के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और सामाजिक न्याय की दिशा में निरंतर कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, एकता और सामाजिक जागरूकता का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने आंबेडकर जयंती को एक सार्थक और प्रेरणादायक रूप प्रदान किया।

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