नौकरी व पशुपालन लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला

राजगढ़। बेरोजगार युवकों को नौकरी और पशुपालन लोन दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को कोतवाली राजगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। प्रारंभिक जांच में आरोपी द्वारा करीब 70 लाख रुपये की धोखाधड़ी करना सामने आया है।
पुलिस अधीक्षक राजगढ़ अमित कुमार तोलानी (भा.पु.से.) के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के.एल. बंजारे तथा एसडीओपी राजगढ़ अरविंद सिंह के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।
बेरोजगार युवकों को बनाया निशाना
थाना कोतवाली राजगढ़ में आवेदक सुनील पिता शिवनारायण नागर निवासी वार्ड नं. 14 बाराद्वारी राजगढ़ की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 127/2026 धारा 318(4) बीएनएस तथा नानूराम पिता अमरलाल सुतार निवासी बाराद्वारी राजगढ़ की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 129/2026 धारा 318(4) बीएनएस पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आया कि आरोपी बंटी उर्फ कृष्ण मोहन वर्मा पिता रतनलाल वर्मा निवासी बाराद्वारी राजगढ़ लोगों को यह विश्वास दिलाता था कि उसकी भोपाल स्थित वल्लभ भवन में वरिष्ठ अधिकारियों से अच्छी पहचान है और वह वन विभाग में नौकरी लगवा सकता है। इसी झांसे में आकर कई बेरोजगार युवकों ने उसे लाखों रुपये दे दिए।
आरोपी पीड़ितों को कई बार भोपाल के वल्लभ भवन तक ले जाता था और उन्हें बाहर बैठाकर कहता था कि अधिकारियों से बातचीत हो गई है और जल्द ही नौकरी की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
पशुपालन लोन के नाम पर भी वसूले रुपये
आरोपी ने कुछ लोगों को नाबार्ड के माध्यम से करीब 1 करोड़ 35 लाख रुपये का पशुपालन लोन स्वीकृत करवाने का लालच भी दिया और उनसे रुपये ले लिये।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर बेरोजगार युवकों को निशाना बनाकर उनसे पैसे वसूलता था।
लग्ज़री लाइफ के लिए करता था ठगी
पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी ठगी से प्राप्त रकम का उपयोग अपने महंगे शौक और लग्जरी जीवनशैली के लिए करता था। इसी रकम से उसने कई घरेलू व इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदे थे।
आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस द्वारा लगातार आरोपी की तलाश की जा रही थी। पुलिस ने 01 मार्च 2026 को आरोपी बंटी उर्फ कृष्ण मोहन वर्मा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायालय की अनुमति से आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
यह सामान किया गया जब्त
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से निम्न सामान बरामद किया –
90,000 रुपये नगद
ESAF बैंक में 5,25,000 रुपये के गोल्ड लोन पर होल्ड
अन्य प्रकरण में 30,000 रुपये नगद
सोने की अंगूठी व कान के टॉप्स
ज्वैलरी के बिल
इसके अलावा आरोपी द्वारा ठगी के पैसों से खरीदे गए घरेलू इलेक्ट्रॉनिक सामान भी जब्त किए गए, जिनमें –
02 एसी
02 एलईडी टीवी
01 वाशिंग मशीन
01 कुलर
01 फ्रिज
इन सामानों की अनुमानित कीमत लगभग 2.53 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस की अपील
जिला पुलिस राजगढ़ ने आम नागरिकों से अपील की है कि सरकारी नौकरी या लोन दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे देने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें। यदि किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी इस आरोपी द्वारा धोखाधड़ी की गई हो तो वह थाना कोतवाली राजगढ़ में संपर्क कर सकता है।
