संत निरंकारी मिशन द्वारा जबलपुर में “प्रोजेक्ट अमृत – स्वच्छ जल, स्वच्छ मन” अभियान

जबलपुर,
संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के तत्वावधान में आज रविवार को “प्रोजेक्ट अमृत” के चतुर्थ चरण “स्वच्छ जल, स्वच्छ मन” अभियान का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता जी के आशीर्वाद से संपन्न हुआ।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को निर्मल जल और स्वस्थ पर्यावरण का वरदान मिल सके। मिशन ने बाबा हरदेव सिंह जी महाराज की प्रेरणादायक शिक्षाओं से प्रेरित होकर वर्ष 2023 में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से “प्रोजेक्ट अमृत” का शुभारंभ किया था। इस पहल का उद्देश्य केवल जल स्रोतों की सफाई ही नहीं, बल्कि जल संरक्षण को जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाना है। इसके अंतर्गत नदियों, झीलों, तालाबों और अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों की स्वच्छता व संरक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है।
मंडल के सचिव आदरणीय जोगिंदर सुखिजा जी ने बताया कि यह वृहद अभियान देशभर के 27 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 900 से अधिक शहरों तथा 1500 स्थानों पर एक साथ आयोजित किया गया।
संस्कारधानी जबलपुर में संत निरंकारी मंडल की विभिन्न ब्रांचों के लगभग 800 भाई-बहनों ने नीली-खाकी वर्दी एवं मिशन की टी-शर्ट में सहभागिता की। सेवादारों ने पाँच टीमों में विभाजित होकर गौरीघाट, तिलवाराघाट, हनुमानताल, अधारताल, महाराजपुर एवं मानेगांव तालाब सहित विभिन्न घाटों व जल स्रोतों पर प्रातः 8 बजे से 11 बजे तक सफाई अभियान चलाया। जल से कीचड़ एवं कचरा निकालकर उसे प्रदूषण मुक्त किया गया तथा घाटों पर झाड़ू लगाकर स्वच्छ वातावरण का संदेश दिया गया।
अभियान में नगर निगम अधिकारियों के साथ-साथ कई जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। गौरीघाट की पार्षद शारदा कुशवाहा, हनुमानताल की पार्षद कविता रैकवार एवं तिलवाराघाट के पार्षद सुनील पुरी सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी सहभागिता कर अभियान की सराहना की।
जबलपुर फ्लेक्स टीम द्वारा घाटों के प्रमुख स्थानों पर “स्वच्छ जल, स्वच्छ मन”, “जल बचाओ, कल बचाओ” एवं “प्रदूषित पानी हमारी हानि” जैसे संदेशों वाले फ्लेक्स होर्डिंग लगाकर जनजागरण का प्रयास किया गया।
