विकसित मध्य प्रदेश के संकल्प के साथ सर्ववर्गीय कल्याण का बजट : नारायण सिंह

राजगढ़, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट को “विकसित मध्य प्रदेश” की दिशा में दूरदर्शी और सर्वसमावेशी बताते हुए राज्य मंत्री नारायण सिंह पवार ने कहा कि यह बजट गरीब, युवा, किसान, महिला, उद्योग और अधोसंरचना—सभी वर्गों के समग्र उत्थान को समर्पित है। वे जिला भाजपा द्वारा ब्यावरा नगर स्थित होटल शिवानी में आयोजित विस्तृत पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 4.38 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया है, जो वर्ष 2025-26 के 4.21 लाख करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 4 प्रतिशत अधिक है। आगामी वित्तीय वर्ष में राजकोषीय घाटा 4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा लिया जाने वाला कर्ज पूंजीगत निर्माण और विकास कार्यों के लिए है तथा वित्तीय अनुशासन के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप है। प्रदेश की जीएसडीपी में गत वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत वृद्धि को उन्होंने आर्थिक सुदृढ़ता का प्रमाण बताया।
‘ज्ञानी’ मॉडल पर आधारित बजट
श्री पवार ने कहा कि यह बजट ‘ज्ञानी’ अवधारणा पर आधारित है—
जी (गरीब कल्याण), वाय (युवा शक्ति), ए (अन्नदाता), एन (नारी शक्ति), आई (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और आई (इंडस्ट्री)।
नारी शक्ति और सामाजिक सुरक्षा
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023 के लिए 23,883 करोड़ रुपये का प्रावधान।
लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 के लिए 1801 करोड़ रुपये।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं हेतु 2857 करोड़ रुपये।
पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्ध-घुमक्कड़ वर्ग के लिए 1691 करोड़ रुपये।
किसान और कृषि क्षेत्र के लिए विशेष प्रावधान
5 एच.पी. तक के कृषि पंपों एवं एक घरेलू कनेक्शन को निःशुल्क बिजली प्रतिपूर्ति हेतु 5276 करोड़ रुपये।
दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 335 करोड़ रुपये।
समर्थन मूल्य पर बोनस भुगतान हेतु 150 करोड़ रुपये।
सहकारी बैंकों के माध्यम से आपातकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान के लिए 20 करोड़ रुपये।
प्रधानमंत्री कृषक सूर्य मित्र योजना अंतर्गत 3000 करोड़ रुपये की लागत से सोलर सिंचाई पंप उपलब्ध कराए जाएंगे।
पशुपालन एवं गौ-संवर्धन
पशुपालन विभाग के लिए 2364 करोड़ रुपये।
गौ-संवर्धन एवं पशु संवर्धन के लिए 620 करोड़ 50 लाख रुपये।
मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना हेतु 250 करोड़ रुपये।
गौशालाओं को प्रति गौवंश अनुदान राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रतिदिन।
अधोसंरचना एवं औद्योगिक विकास
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना, 80 स्थान चिन्हित।
सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण व संधारण हेतु 14,742 करोड़ रुपये।
मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के लिए 21,630 करोड़ रुपये।
सड़क मरम्मत, ग्रामीण-शहरी नेटवर्क विस्तार व कनेक्टिविटी सुधार हेतु 12,690 करोड़ रुपये।
नगरीय निकायों को मूलभूत सेवाओं के लिए 1057 करोड़ रुपये।
ग्रामीण विकास और आवास
विकसित भारत ग्राम योजना के अंतर्गत 100 दिन के स्थान पर 125 दिन रोजगार।
8000 किमी सड़कों का पुनः डामरीकरण, 600 किमी सड़कों का उन्नयन और 89,000 किमी सड़कों का संरक्षण लक्ष्य।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) में 2 लाख व्यक्तिगत शौचालय एवं 505 सामुदायिक परिसर निर्माण।
प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 6850 करोड़ रुपये।
विकसित भारत, समृद्ध ग्राम योजना के लिए 10,428 करोड़ रुपये।
प्रधानमंत्री जनमन योजना (आवास) हेतु 900 करोड़ रुपये।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 807 करोड़ रुपये।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 300 करोड़ रुपये।
सिंहस्थ एवं नई पहल
सिंहस्थ महापर्व के लिए 3600 करोड़ रुपये का प्रावधान करते हुए पहली बार आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना के साथ बजट निर्धारण किया गया है। साथ ही प्रदेश को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश स्पेसटेक नीति 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रस्ताव है।
श्री पवार ने कहा कि राजगढ़ जिले एवं विशेषकर ब्यावरा विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए भी बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
पत्रकार वार्ता में जिला भाजपा अध्यक्ष ज्ञान सिंह गुर्जर, सांसद रोडमल नागर, पूर्व राज्य मंत्री बद्री लाल यादव, सहित पदाधिकारी उपस्थित थे

