नौनिहालों की पढ़ाई भगवान भरोसे, प्रशासन व्यवस्था करने में मस्त,जर्जर भवन से निकाले बच्चे तो अब नशे के साए में पढ़ने को मजबूर हैं,..

करण सिंह झाला ब्यावरा में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। यहां जिम्मेदारों ने जर्जर भवन से बच्चों को निकालकर राहत देने का दावा तो कर दिया था, लेकिन उन्हें ऐसी जगह बैठा दिया जहां न सुविधाएं हैं और न सुरक्षा। ऐसे में सवाल उठना लाज़िमी है क्या प्रशासन का काम सिर्फ शिफ्टिंग का फोटो खिंचवाना था या बच्चों की शिक्षा ओर सुरक्षा दोनों देखना था। जर्जर भवन से हटाया, लेकिन समस्या जस की तस रह गई। ताजा मामला इंदिरा कॉलोनी स्थित प्राथमिक विद्यालय का भवन बारिश के दौरान खतरनाक हो गया था। प्लास्टर गिरने की घटनाओं के बाद करीब एक माह पूर्व स्कूल को पीजी कॉलेज परिसर के नव-निर्मित निर्वाचन भवन में अस्थायी रूप से शिफ्ट किया गया। दावा था कि जल्द मरम्मत कर व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी, लेकिन हकीकत यह है कि बच्चे अब भी परेशानियों के बीच पढ़ने को मजबूर हैं। सुविधाएं नदारद, बच्चे बेहाल नए स्थान पर न तो पर्याप्त पेयजल उपलब्ध है और न ही शौचालय की कोई व्यवस्था छोटे-छोटे बच्चों को खुले में शौच के लिए मजबूरी में जाना पड़ रहा है। पानी के लिए भी दूर मंदिर तक जाना पड़ता है। वही नशेड़ियों का डेरा परिसर की बढ़ी चिंता सबसे गंभीर बात यह है कि स्कूल भवन के पीछे नशा करने वाले लोगों की आवाजाही बनी रहती है। आरोप है कि कुछ लोग बच्चों को टॉफी और पैसों का लालच देकर बुलाने की कोशिश करते हैं। इससे अभिभावकों और शिक्षकों की चिंता और बढ़ गई है। स्कूल प्रबंधन के अनुसार समस्या से वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब देखना यह है कि प्रशासन कागजों में ही व्यवस्था दुरुस्त मानता रहेगा या सच में नौनिहालों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिल पाएगा।
इनका कहना है।
*विद्यालय की प्राचार्य ने बताया,* प्यून नहीं होने से साफ-सफाई तक मुझे बच्चों की मदद से करानी पड़ती है।कई बार नगर पालिका से अस्थायी शौचालय की मांग की,लेकिन सुनवाई नहीं हुई।अब समझ नहीं आता बच्चों की सुरक्षा देखें या पढ़ाई कराएं।




