मध्यप्रदेश

सूफ़ी संतों की याद में इंसानियत का पैग़ाम : धनपुरी में अकीदत व भाईचारे के साथ आयोजित हुआ विशाल सार्वजनिक लंगर

 

धनपुरी (जिला शहडोल, म.प्र.) मोहम्मद असलम बाबा

सूफ़ी संत हज़रत सैय्यद मखदूम साबिर पाक रहमतुल्लाह अलैहे (कलियर शरीफ) एवं बाबा ताजुद्दीन औलिया रहमतुल्लाह अलैहे रिज़वान (नागपुर) की पावन स्मृति में रविवार को धनपुरी नगर स्थित जानू कॉम्प्लेक्स के सामने एक भव्य सार्वजनिक लंगर का आयोजन पूरे अकीदत, श्रद्धा और आपसी सौहार्द के वातावरण में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम का आयोजन कमेटी के सदस्यों की अथक मेहनत एवं महीनों से चल रही सुनियोजित तैयारियों का परिणाम रहा। लंगर में नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से आए लगभग 3500 से 4000 श्रद्धालुओं—जिसमें बच्चे, बुज़ुर्ग, महिलाएं एवं युवा शामिल रहे—ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर सर्वधर्म समभाव, गंगा-जमुनी तहज़ीब और मानवता की अद्भुत मिसाल देखने को मिली।

*भाईचारे की मिसाल है धनपुरी – हनुमान प्रसाद खंडेलवाल*

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर पालिका परिषद धनपुरी के उपाध्यक्ष हनुमान प्रसाद खंडेलवाल ने कहा कि सूफ़ी संतों की शिक्षाएँ प्रेम, त्याग और इंसानियत का मार्ग दिखाती हैं।

उन्होंने कहा—

“आज इस विशाल लंगर में सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। यही हमारे नगर की असली खूबसूरती है। धनपुरी गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल है, जहां भाईचारा और एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हम बाबा साहब से प्रार्थना करते हैं कि वे हमारे नगर को सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करें।”

*सूफ़ी संतों ने इंसानियत को सर्वोपरि रखा – आनंद मोहन जायसवाल*

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पार्षद आनंद मोहन जायसवाल ने कहा कि भारत की विविधता में एकता की नींव सूफ़ी संतों और ऋषि-मुनियों ने रखी।

उन्होंने कहा—

“सूफ़ी संतों ने जाति, धर्म और भाषा से ऊपर उठकर मानवता को सबसे बड़ा धर्म बताया। यदि हम उनके विचारों को आत्मसात कर लें और अहंकार त्यागकर सेवा भाव से जीवन जिएं, तो हमारा जीवन सार्थक हो जाएगा। इस पावन आयोजन के लिए मैं समस्त आयोजन समिति को हृदय से धन्यवाद देता हूं।”

*एकता का परिचय देता विशाल लंगर – मोहम्मद साबिर*

मंडलम कांग्रेस अध्यक्ष धनपुरी मोहम्मद साबिर ने कहा कि बाबा ताजुद्दीन औलिया का आशीर्वाद सदैव समाज को जोड़ने का कार्य करता रहा है।

उन्होंने बताया कि—

“आज के इस विशाल लंगर में हजारों लोगों की उपस्थिति युवाओं की मेहनत और लगन का परिणाम है। सभी धर्मों के लोगों ने एकजुट होकर प्रसाद ग्रहण किया, यही सूफ़ी परंपरा का सच्चा संदेश है।”

*सर्वधर्म समभाव ही भारत की आत्मा – राजीव शर्मा*

कांग्रेस नेता राजीव शर्मा ने कहा कि सूफ़ी संतों का संदेश भारत की आत्मा को मजबूत करता है।

उन्होंने कहा—

“जब तक हम एक हैं, तब तक भारत की एकता और अखंडता को कोई चुनौती नहीं दे सकता। बाबा ताजुद्दीन औलिया का फैज़ और आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे, यही प्रार्थना है।”

*शानदार मंच संचालन*

कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावशाली मंच संचालन एडवोकेट कलम मोहम्मद ने अपने अनोखे अंदाज़, शेरो-शायरी और दुआओं के साथ किया, जिससे पूरा माहौल आध्यात्मिक और भावपूर्ण बना रहा।

*इनकी रही विशेष सहभागिता*

हाफ़िज़ व कारी मोहम्मद सागर अशरफी हाफ़िज़ इसरार, मोहम्मद साबिर, मोहम्मद सहनवाज़ अंसारी, अतीक खान (बाबा) पत्रकार, मोहम्मद असलम बाबा पत्रकार,मोहसिन खान, वसीम काज़ी, मुन्ना भाई खानसामा, नईम खानसामा, आरिफ बिरयानी, पारस, बादशाह, इमरान खान सोनू, कामरान खान मोनू, कैश जाहूर आलम, मोहम्मद कलाम, जावेद खान, आशिर अहमद, अब्दुल करीम गुड्डू, मोहम्मद रहीम सन्नी, असलम बेग, आमिर, सद्दाम, हाजी अमन अली सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी, युवा व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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