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ना रेल नीर, न ही हो रहा शिकायतों का निराकरण, स्टेशन पर मिला गंदगी का अंबार शराब की बोतलो से भरा मिला गंजबासौदा स्टेशन का सार्वजनिक शौचालय रेल्वे सलाहकार समिति सदस्य निलेश श्रीवास्तव ने किया गंजबासौदा स्टेशन का औचक निरीक्षण

गंज बासौदा। रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य निलेश श्रीवास्तव द्वारा प्रातः 11:30 बजे गंज बासौदा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया गया। जिसमें पाया गया की रेलवे स्टेशन पर पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। सारे नल बंद पाए गए एवं नलों में टोटियां नहीं मिली। पानी की व्यवस्था नागरिक सेवा समिति के द्वारा की जा रही है।
रेलवे उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य निलेश कुमार श्रीवास्तव द्वारा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करते हुए बताया कि हम जैसे ही स्टेशन पर पहुंचे तो देखा कि स्टेशन पर अवैध वेंडर पानी बेचते हुए दिखे। हमने पूछा तो बोला कि यहां पर यही पानी मिलता है, हमने थोड़ा सा और पूछा तो बताया गया कि जे के केटर्स के शीतांग दुबे ने कहा है कि यहां पर यही पानी मिलता है आगे हमने पीने के पानी की व्यवस्था को और देखा तो पता चला कि पेयजल स्थान भारी मात्रा में गंदे पड़े हुए हैं और पेयजल स्थान पर पानी की व्यवस्था बंद है। गंदगी का अंबार लगा हुआ है। यात्रियों के बैठने की उचित व्यवस्था तक नहीं है।
उन्होंने बताया कि हमने अधिकारियों से मुलाकात की तो वो भी वहां की अव्यवस्था से परेशान है। बात आगे सफाई कि तो स्टेशन गंदगी की चपेट में देखने को मिला। सफाई की व्यवस्था को अति गंभीर रूप में पाया सार्वजनिक शौचालय शराब की बोतल से भरे पाए गए, डस्टबिन कचरो से लबालब मिले, पूरा स्टेशन यथा प्रवेश द्वार के कांच के दरवाजे पूरे गंदे दिखे, फ्लोर पूरा गंदा पड़ा हुआ था। इन गंदगी को लेकर सवाल पूछा गया तो रवि अहिरवार ने इस पर बोला कि इसका जवाब एस एस साहब ही दे पाएंगे। श्री श्रीवास्तव ने आगे निरीक्षण किया तो वाणिज्य में श्रीमती रितु दुबे ने बताया की इस व्यवस्था से हम भी बहुत परेशान हैं। हमारी टॉयलेट में भी कभी कभी पानी नहीं पहुंच पाता है। स्टेशन पर वेंडिंग मशीन बंद होने पर सवाल पूछा गया तो बताया कि हमारे पास एक ही व्यक्ति है और वह आज छुट्टी पर है। स्टेशन पर डिस्प्ले बोर्ड भी बंद पाए गए। बता दें कि यह रेलवे स्टेशन अमृत भारत योजना के तहत पुनर्निर्माण किया गया है।
श्री श्रीवास्तव ने आगे निरीक्षण किया तो उन्होंने एक दुकान पर यूपीआई पेमेंट के माध्यम से पानी की बोतल खरीदी तो दुकानदार ने यूपीआई पेमेंट अपने निजी खाते में प्राप्त किया उसके पास कोई बिजनेस अकाउंट देखने को नहीं मिला और धड़ल्ले से पानी की बोतले ₹15 में मिल रही है दुकान का नाम एम लक्ष्मी चंद्र एवं संस बताया गया है दुकानदार का नाम पूछने पर बताया गया तो उसने बताने से मना कर दिया। आगे उन्होंने जे के केटर्स की दुकान पर निरीक्षण किया तो पता चला कि वहां पर भी रेल नीर नहीं मिल रहा है। प्राइवेट पानी बेचा जा रहा है श्री श्रीवास्तव ने बताया कि निरीक्षण के पश्चात स्टेशन की सारी दुकाने अचानक से बंद हो गई।
अंत में श्री श्रीवास्तव ने शिकायत डायरी देखी जो शिकायतों से भरी हुई थी और किसी भी शिकायत का कोई निराकरण देखने को नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि हम इसकी पूरी विस्तृत रिपोर्ट मंडल रेल प्रबंधक श्री पंकज त्यागी जी व एक रिपोर्ट रेल्वे बोर्ड को सौंपेंगे। जो भी जिम्मेदार होगा उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। हम आगे भी ऐसे ही औचक निरीक्षण करते रहेंगे।

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