गांवों की समितियां हनुमान ध्वज लेकर पहुंचीं राजगढ़, नगर में निकली भगवा यात्रा

राजगढ़। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के तत्वावधान में गुरुवार को राजगढ़ नगर में भव्य भगवा यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा में आसपास के करीब 40 गांवों की ग्राम समितियों के कार्यकर्ता हनुमान जी के ध्वज लेकर राजगढ़ पहुंचे। गांव-गांव से पहुंचे कार्यकर्ताओं के कारण नगर में धार्मिक उत्साह और सनातनी वातावरण देखने को मिला।
भगवा यात्रा से पूर्व नगर के मंगल भवन परिसर में ग्राम समितियों, नगर समिति तथा प्रखंड स्तर के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रांत स्तर के पदाधिकारी भी शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रांत संगठन मंत्री सुरेंद्र सिंह ने सनातन संस्कृति के संरक्षण, संगठन की मजबूती और युवाओं को आत्मरक्षा के लिए तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की रक्षा और उसके प्रचार-प्रसार के लिए प्रत्येक गांव और नगर में समितियों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
उन्होंने युवाओं से नियमित रूप से व्यायामशाला में अभ्यास करने और शारीरिक रूप से मजबूत बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा के लिए नित्य अभ्यास की आवश्यकता है और गांव-गांव में व्यायाम एवं शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
सुरेंद्र सिंह ने मंदिरों को समाज के शक्ति केंद्र बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना के स्थान तक सीमित न रहें, बल्कि इनके माध्यम से समाज को जोड़ने, सनातन संस्कृति को मजबूत करने और धार्मिक जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया जाए।
गांव-गांव से हनुमान ध्वज लेकर पहुंचे कार्यकर्ता
भगवा यात्रा की खास बात यह रही कि करीब 40 गांवों की ग्राम समितियों के कार्यकर्ता अपने-अपने गांव से हनुमान जी के ध्वज लेकर राजगढ़ पहुंचे। गांवों से आए कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर नगर में आयोजित भगवा यात्रा में सहभागिता की। इसके बाद मंगल भवन परिसर से यात्रा का आयोजन किया गया।
भगवा ध्वजों और हनुमान जी के ध्वजों के साथ निकली यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होकर आगे बढ़ी। यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह नजर आया। पूरे आयोजन के माध्यम से सनातन संस्कृति, धार्मिक जागरूकता, संगठनात्मक एकजुटता और युवाओं को आत्मरक्षा के लिए तैयार करने का संदेश दिया गया।
आयोजकों ने कहा कि गांव और नगर समितियों को सक्रिय करते हुए सनातन संस्कृति एवं धर्म के प्रचार-प्रसार को आगे भी निरंतर जारी रखा जाएगा।



