RAJGARH

राजगढ़ पुलिस: नेशनल लोक अदालत में 6 टूटते परिवारों को मिला नया जीवन

राजगढ़। नेशनल लोक अदालत के अवसर पर महिला सुरक्षा शाखा, जिला राजगढ़ द्वारा सराहनीय पहल करते हुए आपसी विवाद के कारण अलग रह रहे 6 परिवारों को पुनः एकजुट करने में सफलता प्राप्त की गई। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे मनमुटाव, गिले-शिकवे एवं पारिवारिक विवादों को समझाइश, काउंसलिंग एवं आपसी सहमति के माध्यम से समाप्त कराया गया।

नेशनल लोक अदालत के तहत माननीय प्रथम न्यायाधीश न्यायालय राजगढ़ द्वारा पति-पत्नी संबंधी विवादों के निराकरण हेतु खंडपीठ क्रमांक-32 का गठन किया गया था। पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार तोलानी (भा.पु.से.) के निर्देशानुसार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री के.एल. बंजारे के मार्गदर्शन में गठित समिति द्वारा कुल 8 प्रकरणों की सुनवाई की गई।

समिति में पीठासीन अधिकारी श्री अरविंद सिंह राठौर (उप पुलिस अधीक्षक, महिला सुरक्षा शाखा), महिला थाना प्रभारी कुसुम बास्कले तथा अधिवक्ता श्री अंकित कुमार यादव शामिल रहे। सुनवाई के दौरान पाया गया कि अधिकांश मामलों में छोटी-छोटी बातों और आपसी गलतफहमियों के कारण पारिवारिक विवाद बढ़कर अलगाव की स्थिति तक पहुंच गए थे।

धैर्यपूर्वक संवाद, काउंसलिंग और विश्वास बहाली के प्रयासों के परिणामस्वरूप 8 में से 6 परिवार पुनः साथ रहने के लिए सहमत हुए। एक प्रकरण में परिवर्तित नाम राजू एवं राधिका, जो पिछले 6 माह से अलग रह रहे थे, को भी समझाइश के बाद साथ रहने के लिए राजी किया गया। पति द्वारा भविष्य में शराब सेवन नहीं करने और विवाद समाप्त करने की सहमति दी गई, जिसके बाद दोनों को राजीखुशी साथ विदा किया गया।

लोक अदालत के दौरान प्रारंभिक वातावरण तनावपूर्ण रहा, लेकिन समिति के सकारात्मक प्रयासों से 6 परिवारों में वैवाहिक जीवन को पुनः शुरू करने का निर्णय लिया गया। सभी दंपतियों ने एक-दूसरे के प्रति सम्मान, सहयोग और विश्वास बनाए रखने का संकल्प लिया।

Related Articles

Back to top button