नेशनल लोक अदालत बने जनविश्वास का महाअभियान : जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान
बैंक, नगर परिषद एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक में त्वरित एवं सुलभ न्याय पर दिया गया विशेष बल

देपालपुर (इंदौर)। आगामी 09 मई 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत को अधिक प्रभावी, जनोन्मुखी एवं सफल बनाने के उद्देश्य से सिविल न्यायालय परिसर देपालपुर में तहसील विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश माननीय हिदायत उल्ला खान के मार्गदर्शन में बैंक, नगर परिषद एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित प्री-लिटिगेशन एवं न्यायालयीन प्रकरणों के अधिकाधिक निराकरण को लेकर गंभीर एवं सकारात्मक विमर्श हुआ।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान ने कहा कि नेशनल लोक अदालत केवल विवादों के निराकरण का मंच नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द, आपसी विश्वास और त्वरित न्याय की सशक्त व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन, न्यायपालिका और विभागीय अधिकारी संवेदनशीलता एवं समन्वय के साथ कार्य करते हैं, तब न्याय आमजन के द्वार तक सहजता से पहुंचता है।
उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे सकारात्मक सोच एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए अधिकाधिक प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से कराने का प्रयास करें, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक न्यायिक प्रक्रिया, आर्थिक बोझ एवं मानसिक तनाव से राहत मिल सके।
जिला न्यायाधीश श्री खान ने विशेष रूप से बैंक अधिकारियों एवं नगर परिषद के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि नियमानुसार मिलने वाली छूट, ब्याज में राहत एवं अन्य सुविधाओं का लाभ पात्र पक्षकारों तक पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि लोक अदालत का मूल उद्देश्य केवल प्रकरण समाप्त करना नहीं, बल्कि आपसी सहमति और संतोष के साथ समाधान उपलब्ध कराना है।
बैठक में नोटिस तामीली की प्रक्रिया को भी गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए। जिला न्यायाधीश ने कहा कि प्रत्येक पात्र पक्षकार तक समय पर सूचना पहुंचाना विभागों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे संवाद और समन्वय के माध्यम से लोगों को नेशनल लोक अदालत के लाभों से अवगत कराएं, ताकि अधिकाधिक राजीनामा योग्य प्रकरणों का सौहार्दपूर्ण निराकरण संभव हो सके।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को प्री-लिटिगेशन प्रकरणों की सूची का गंभीर परीक्षण कर समझौता योग्य मामलों को प्राथमिकता से चिन्हित करने तथा पक्षकारों से व्यक्तिगत संवाद स्थापित कर उन्हें लोक अदालत में उपस्थित होने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए।
जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान ने कहा कि नेशनल लोक अदालत न्यायपालिका, प्रशासन एवं अधिवक्तागण के संयुक्त प्रयासों का ऐसा सशक्त मंच है, जहां बिना अनावश्यक विलंब के सरल, सस्ता और त्वरित न्याय उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने सभी विभागों से समन्वित प्रयास करते हुए नेशनल लोक अदालत को जनहित एवं जनविश्वास का महाअभियान बनाने का आह्वान किया।
बैठक में तहसीलदार संगीता गोलिया, दीपक पाटीदार, विनय कुमार, ओंकार सिंह, रंजन प्रकाश, अनिल राठौर, दीपक लक्षकार, के.बी. यादव, जितेंद्र पंकज, ज्ञानेश्वर जोशी सहित विभिन्न बैंकों के प्रबंधक, नगर परिषद एवं राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



