राजस्‍थान

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राजीविका मिशन की समीक्षा बैठक ली –लखपति दीदियों से किया वर्चुअल संवाद

जयपुर, 12 अप्रैल। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में रविवार को राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् (राजीविका) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी 41 जिलों से जिला परियोजना प्रबंधक एवं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी लगभग 425 लखपति दीदियों ने सहभागिता की।

मुख्य सचिव ने सिटिजन-सेंट्रिक अप्रोच के तहत कार्य करने के निर्देश दिए। विभिन्न जिलों से जुड़ी लखपति एवं मिलियनेयर दीदियों—बीकानेर से मोनिका, जयपुर से शांति एवं शालिनी, धौलपुर से पार्वती, जैसलमेर से डिंपल, जालौर से ललिता, अलवर से कविता, टोंक से पिंकी, राजसमंद से सरिता, डूंगरपुर से गायत्री, भरतपुर से बृजेश, झालावाड़ से सुशीला एवं बाड़मेर से डिंपल ने अपने अनुभव साझा किए।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव द्वारा राजीविका के कार्यों की समीक्षा करते हुए 10-स्टेप रिफॉर्म लागू करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने राजीविका मिशन के अंतर्गत 4.34 लाख स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 51.22 लाख परिवारों की महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु क्रेडिट लिंकेज, मार्केट लिंकेज एवं स्किल लिंकेज पर आधारित एक सुदृढ़ रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सफलता की कहानियों के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही, महिलाओं के साथ प्रत्येक माह वेबिनार आयोजित कर सतत संवाद एवं मार्गदर्शन बनाए रखने के लिए भी कहा।

मुख्य सचिव ने विभिन्न राज्यों के प्रमुख शहरों एवं महानगरों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों हेतु एक समग्र कैलेंडर एवं शो प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि उत्पादों को बेहतर बाजार एवं प्रदर्शन के अवसर प्राप्त हो सकें।

उन्होंने उद्योग, एमएसएमई, बीआईपी, टेक्सटाइल एक्सपोर्ट से जुड़े विभागों, आरएसएलडीसी एवं आईटीआई जैसे संस्थानों के साथ समन्वय को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए, जिससे महिलाओं को अधिक अवसर एवं आजीविका के स्थायी साधन उपलब्ध कराए जा सकें। साथ ही, महिलाओं द्वारा संचालित कुटीर उद्योगों को विकसित कर उन्हें एमएसएमई के रूप में स्थापित करने पर के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया।

मुख्य सचिव द्वारा राजस्थान महिला निधि से संबंधित बैंकिंग प्रक्रियाओं, ऋण अवधि एवं पुनर्भुगतान प्रणाली की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

इस अवसर पर श्रीमती पुष्पा सत्यानी, आयुक्त, ईजीएस, नरेगा, राजीविका की राज्य मिशन निदेशक श्रीमती प्रियंका गोस्वामी, परियोजना निदेश श्रीमती प्रीति सिंह, समस्त राज्य परियोजना प्रबंधक, बैंकिंग प्रोफेशनल्स एवं यंग प्रोफेशनल्स उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button