राजगढ़ में 12 वर्षीय मासूम से हैवानियत: 8 लाख में बेचकर कराया बाल विवाह, पति, सौतेले पिता समेत 3 ने किया दुष्कर्म; 5 गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पर 10 हजार का इनाम

राजगढ़, जिले से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। कोतवाली राजगढ़ पुलिस ने 12 वर्षीय नाबालिग बालिका की खरीद-फरोख्त, बाल विवाह और सामूहिक दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश करते हुए 6 में से 5 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
*पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई त्वरित कार्रवाई*
जिला राजगढ़ में महिलाओं एवं नाबालिक बालिकाओं संबंधी अपराधों में शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु पुलिस अधीक्षक श्री अमित तोलानी (IPS) ने सभी थाना प्रभारियों को विशेष निर्देश दिए हैं। इन्हीं निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री के.एल. बंजारे एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) राजगढ़ श्री अरविंद सिंह राठौर के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली पुलिस ने इस अत्यंत संवेदनशील मामले में तत्परता दिखाई।
*घटना का पूरा क्रम: पिता की मौत से शुरू हुई हैवानियत*
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पीड़ित बालिका के पिता की जनवरी 2025 में अत्यधिक शराब के सेवन के कारण मृत्यु हो गई थी। पिता की मौत के बाद पीड़िता की मां की दूसरी शादी पवन उर्फ परमाल गुर्जर निवासी गुना से करा दी गई। इसके बाद आरोपी पवन गुर्जर पीड़िता और उसकी मां को राजगढ़ ले आया।
यहां एक सुनियोजित साजिश के तहत 3 फरवरी 2025 को आरोपियों ने 12 वर्षीय बालिका का विवाह भोला उर्फ भोलाराम गुर्जर, 26 वर्ष, निवासी ग्राम चुकलिया थाना मलावर से करवा दिया। इस बाल विवाह के एवज में आरोपियों ने 8,00,000 रुपये नकद और 4,00,000 रुपये के जेवरात लिए।
*शादी की रात से शुरू हुआ दैहिक शोषण*
शादी की रात ही आरोपी कथित पति भोलाराम ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद सौतेला पिता पवन गुर्जर भी नाबालिग पर गलत नजर रखने लगा और उसने भी कई बार दुष्कर्म किया। कुछ समय बाद पवन पीड़िता की मां को छोड़कर भाग गया।
इसके बाद पीड़िता की मां की तीसरी शादी राजस्थान में करा दी गई और 12 वर्षीय बालिका को राजगढ़ में आरोपी शैतानबाई के घर छोड़ दिया गया। वहां एक साल रहने के दौरान आरोपी देवराज गुर्जर ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान बच्ची से दुर्व्यवहार किया जाता था और घर का सारा काम कराया जाता था।
*थाना प्रभारी की संवेदनशीलता से टूटा मासूम का मौन*
मामला कोतवाली थाना प्रभारी के संज्ञान में आने पर उन्होंने अत्यंत संवेदनशीलता का परिचय दिया। बच्ची को मनोवैज्ञानिक रूप से सहज कर विश्वास में लिया गया, जिसके बाद पीड़िता ने अपनी पूरी आपबीती सुनाई। इसके बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई और आरोपियों की धरपकड़ शुरू की।
*इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला*
थाना कोतवाली राजगढ़ में अपराध क्रमांक 350/2026 के तहत सभी 6 आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है:
*भारतीय न्याय संहिता (BNS):* धारा 64(2)F, 64(2)M, 65(2), 98, 99, 115(2), 127(2), 142, 143(4)
*विशिष्ट अधिनियम:* धारा 5(L), 5(N), 5(M)/6 पॉक्सो एक्ट, धारा 75 जे.जे. एक्ट, एवं धारा 9/10 बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम।
*गिरफ्तार आरोपी:*
1. *भोला उर्फ भोलाराम गुर्जर*, 26 साल, निवासी ग्राम चुकलिया थाना मलावर – कथित पति
2. *देवराज गुर्जर*, निवासी गोनियावे थाना चांचौड़ा जिला गुना – दुष्कर्म का आरोपी
3. *सागर गुर्जर*, 50 साल, निवासी ग्राम तुलसीपुरा थाना राजगढ़ – कृत्य में सहयोगी
4. *शैतानबाई*, 35 साल, निवासी संकटमोचन आवास कॉलोनी राजगढ़ – बंधक बनाकर प्रताड़ित करने वाली
5. *पीड़िता की मां* – बाल विवाह और तस्करी में संलिप्तता
*फरार आरोपी:*
*पवन उर्फ परमाल गुर्जर*, निवासी ग्राम लहरचा चक थाना चांचौड़ा जिला गुना। पुलिस की कई टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।
फरार आरोपी को पकड़ने के लिए 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।”
फिलहाल पीड़ित बालिका को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है और उसकी काउंसलिंग कराई जा रही है।
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