RAJGARH

शैल्बी हॉस्पिटल में “जीरो कंट्रास्ट PCI” द्वारा हुई किडनी मरीज की जटिल एंजियोप्लास्टी

 

जबलपुर। मरीज की एंजियोग्राफी के दौरान हृदय की मुख्य धमनी में दो लंबे अवरोध (ब्लॉकेज) पाए गए। मरीज का क्रिएटिनिन स्तर 4.3 होने के कारण उनकी किडनी की स्थिति भी गंभीर थी। ऐसी परिस्थितियों में कंट्रास्ट (डाई) का अधिक उपयोग जोखिमपूर्ण होता है, जिससे किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और एंजियोप्लास्टी के बाद डायलिसिस की आवश्यकता भी उत्पन्न हो सकती है। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, डॉ. आशीष तिवारी, डॉ. अतुल दुबे एवं उनकी विशेषज्ञ टीम द्वारा मरीज के लिए Zero Contrast Angioplasty का सफल निर्णय लिया गया। यह प्रक्रिया IVUS (Intravascular Ultrasound) Guided तकनीक के माध्यम से की जाती है, जिसमें बिना कंट्रास्ट डाई के ही धमनियों का सटीक आकलन कर सुरक्षित एवं प्रभावी एंजियोप्लास्टी की जाती है। सफल उपचार के पश्चात मरीज की स्थिति में निरंतर सुधार देखा गया और उन्हें पूर्णतः स्थिर अवस्था में अस्पताल से सफलतापूर्वक छुट्टी दी गई। इस उन्नत तकनीक के माध्यम से मरीज का सफलतापूर्वक उपचार किया गया, जिससे किडनी पर किसी प्रकार का अतिरिक्त जोखिम नहीं पड़ा। शैल्बी अस्पताल में 4 कार्डियोलॉजिस्ट और कार्डियक सर्जन की टीम है जिनमे डॉ आशीष तिवारी, डॉ अतुल दूबे, डॉ नितिन दास, डॉ नवीन शर्मा और डॉ आर एस शर्मा शामिल हैं। साथ ही शैल्ची अस्पताल में CGHS, ECHS, Ayushman व अन्य सेवाओ में कोई भी अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता है।

Related Articles

Back to top button