छत्तीसगढ़

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को नई ऊर्जा: एमसीबी प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने ली शपथ

गरिमामय समारोह में पत्रकारों ने निभाई निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता की प्रतिबद्धता
एमसीबी। लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकारिता को सदैव समाज की चेतना और जनभावनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति माना गया है। इसी भावना को साकार करते हुए जिले में एमसीबी प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह शहर के हसदेव इन होटल में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प दोहराया गया।
समारोह में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री Shyam Bihari Jaiswal मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में न्यायपालिका के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता तथा जिले के अनेक पत्रकार बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का वातावरण पत्रकारिता के प्रति सम्मान, जिम्मेदारी और सामाजिक सरोकारों की भावना से ओतप्रोत रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संस्कृति की परंपरा के अनुरूप माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके पश्चात अतिथियों का बैज लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया। स्वागत उपरांत एमसीबी प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ, जिसमें पहले निर्वाचित और उसके बाद मनोनीत पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई।
प्रेस क्लब के अध्यक्ष रणजीत सिंह सहित सभी पदाधिकारियों ने निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता करने का संकल्प लिया। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाना, जनता की आवाज को सशक्त रूप से प्रस्तुत करना और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायाधीश लोकेश कुमार ने कहा कि प्रेस लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और उसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पत्रकारिता केवल समाचारों का संप्रेषण भर नहीं है, बल्कि यह शासन और समाज के बीच संवाद और संतुलन बनाए रखने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। यदि पत्रकार अपनी कलम को सत्य, ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ चलाते हैं, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी जा सकती है।
प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक तिवारी ने कहा कि पत्रकारों की कलम में समाज को दिशा देने की अद्भुत शक्ति होती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता अत्यंत जिम्मेदारी का कार्य है और किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले उसके तथ्यों की पुष्टि करना आवश्यक है। बिना ठोस आधार के प्रकाशित समाचार समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर सकते हैं, इसलिए पत्रकारों को सत्य, संतुलन और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करना चाहिए।
न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार वर्मा ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ी अंदाज में पत्रकारों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकार हर परिस्थिति में समाज तक सही और महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की मेहनत और प्रतिबद्धता ही समाज को जागरूक और सचेत बनाती है। जब किसी दिन समाचार पत्र नहीं पहुंचता, तब समाज में एक प्रकार का खालीपन महसूस होता है, जो पत्रकारिता के महत्व को सहज ही स्पष्ट कर देता है।
मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत विविध संस्कृतियों, परंपराओं और विचारों का लोकतांत्रिक देश है, जहां न्यायपालिका और प्रेस दोनों ही स्वतंत्र और महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और जनता का विश्वास बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को निष्पक्षता के साथ सामने लाएं और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पत्रकार रत्न जैन को पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके दीर्घकालीन योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। यह सम्मान पत्रकारिता के प्रति उनके समर्पण और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।
समारोह में न्यायपालिका और प्रशासन के अनेक अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें न्यायाधीश राजेन्द्र वर्मा, न्यायाधीश विवेक तिवारी, न्यायाधीश लोकेश कुमार, नगर निगम महापौर राम नरेश राय, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा, जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी. मिरे, कमांडेंट संजय शर्मा, अतिरिक्त लोक अभियोजक गोपाल सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल तथा ग्रीन वैली संस्थान के प्रतिनिधि सहित अनेक गणमान्यजन शामिल थे।
समारोह के अंत में प्रेस क्लब की ओर से सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया और आभार व्यक्त किया गया। इस गरिमामय आयोजन ने यह संदेश दिया कि पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज और लोकतंत्र के प्रति समर्पित एक महत्वपूर्ण दायित्व है, जिसे सत्यनिष्ठा, साहस और संवेदनशीलता के साथ निभाया जाना चाहिए।

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