प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय सर्वेक्षण समिति की बैठक संपन्न


राज्य में हाथ से मैला उठाने की प्रथा के उन्मूलन की पुष्टि
रायपुर। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में मंत्रालय में राज्य स्तरीय सर्वेक्षण समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन के प्रतिषेध एवं पुनर्वास अधिनियम 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में पुनः सर्वे कराया गया, जिसमें सभी जिला कलेक्टरों द्वारा राज्य को मैनुअल स्केवेंजर्स मुक्त होने का प्रमाण पत्र दिया गया है। यह जानकारी भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को भेजी जाएगी।
प्रमुख सचिव ने कहा कि जबरन किसी से मैनुअल स्केवेंजर्स का कार्य करवाना दंडनीय अपराध है, जिसमें एक वर्ष तक का कारावास या 50 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने इस प्रथा के उन्मूलन के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग सहित अन्य संस्थाओं के प्रयासों की सराहना की।
बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों और टाउनशिप में श्रमिकों के लिए स्वच्छ शौचालयों की व्यवस्था, जनपद पंचायत स्तर पर सीवरेज डंपिंग वाहनों की उपलब्धता तथा जिन क्षेत्रों में शौचालय व्यवस्था नहीं है वहां तत्काल सुधार करने पर भी जोर दिया गया।




