छत्तीसगढ़

बिजली उपभोक्ताओं की पीड़ा को दूर करेगी बिजली बिल भुगतान समाधान योजना

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय के सभागार में “बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026” का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने योजना के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए अधिक से अधिक लोगों से योजना का लाभ लेने की अपील की। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 2 हजार 931 हितग्राहियों को 8 करोड़ 79 लाख रुपये की सब्सिडी भी अंतरित की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आज लोगों की मूलभूत जरूरतों में शामिल हो चुकी है और इसके बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। कई परिवार आर्थिक कारणों से समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते, जिसके कारण सरचार्ज बढ़ता जाता है और बकाया राशि चुकाना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने बिजली बिल भुगतान समाधान योजना शुरू की है, जिससे बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के माध्यम से लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाने वाले निम्न और मध्यम आय वर्ग के उपभोक्ताओं तथा कृषि उपभोक्ताओं को राहत देने का प्रयास किया गया है। योजना के तहत प्रदेश के 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश के लगभग 18 हजार गांवों तक बिजली पहुंचाई गई, जिससे आजादी के बाद से अंधेरे में रहे गांव भी रोशन हुए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अपने संसाधनों से लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है और प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई उपभोक्ता बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाए थे, जिससे बकाया राशि बढ़ गई थी। राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं की इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए समाधान योजना लागू की है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रति प्रदेश में लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है और अब तक लगभग 36 हजार लोग इससे जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि महिला स्व सहायता समूहों द्वारा सोलर पैनल वेंडर के रूप में कार्य किया जाना एक सकारात्मक पहल है, जिससे महिलाओं को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से बिजली की बचत करने और घरेलू बिजली के अनावश्यक उपयोग से बचने की अपील भी की।
उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए बधाई देते हुए निर्देश दिए कि शिविर लगाकर और व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को समाधान योजना से जोड़ा जाए।
योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं की तीन श्रेणियां निर्धारित की गई हैं, जिनमें 31 मार्च 2023 की स्थिति में निष्क्रिय उपभोक्ता, सक्रिय एकल बत्ती कनेक्शनधारी उपभोक्ता तथा सक्रिय अशासकीय घरेलू और अशासकीय कृषि उपभोक्ता शामिल हैं। इन श्रेणियों के उपभोक्ताओं को विद्युत देयक जमा करने के लिए प्रोत्साहन के रूप में अधिभार की राशि में 100 प्रतिशत छूट और मूल बकाया राशि में 75 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान किया गया है।
योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पंजीयन कराना होगा और पंजीयन के समय बकाया राशि का न्यूनतम 10 प्रतिशत भुगतान करना अनिवार्य होगा। शेष राशि का भुगतान किस्तों में किया जा सकेगा और आगामी माह में कोई अधिभार नहीं लगेगा। यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी।
इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी और विद्युत उपभोक्ता उपस्थित रहे।

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