एमपीटास पोर्टल पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अपूर्ण प्रोफाइल पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

राजगढ़। जिले में संचालित निजी विद्यालयों द्वारा एमपीटास पोर्टल पर दर्ज विद्यार्थियों की जानकारी की स्थिति को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। सोमवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित विस्तृत समीक्षा बैठक में अपूर्ण छात्र प्रोफाइल, आधार सत्यापन लंबित रहने और आरटीई अंतर्गत प्रविष्टियों में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार संस्थाओं के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में एक-एक विद्यालय की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। जिन स्कूलों में छात्र प्रोफाइल अधूरी पाई गई, उन्हें तत्काल जानकारी पूर्ण कर पोर्टल पर अद्यतन करने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से फ्यूचर किड्स एकेडमी, एडवांस किड्स एकेडमी, सरस्वती शिशु मंदिर, चितरांश कॉन्वेंट हाई स्कूल (जीरापुर), महर्षि पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल (जीरापुर), मां सरस्वती एकेडमी (जीरापुर) एवं एस.के. कॉन्वेंट सहित अन्य विद्यालयों की प्रविष्टियों की गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों का डाटा अधूरा रखना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में माना जाएगा।
बैठक में यह भी सामने आया कि कई विद्यार्थियों का आधार सत्यापन लंबित है। इस पर संबंधित विद्यालयों को निर्देशित किया गया कि प्राथमिकता के आधार पर आधार लिंकिंग की प्रक्रिया पूर्ण करें, ताकि विद्यार्थियों को शासकीय योजनाओं एवं छात्रवृत्ति का लाभ समय पर मिल सके। प्रशासन ने 10 दिवस की समय-सीमा निर्धारित करते हुए चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि में सुधार नहीं होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
राजगढ़ विकासखंड अंतर्गत मारुति नंदन कॉन्वेंट स्कूल, बाल गोपाल स्कूल, राजेश्वर कॉन्वेंट स्कूल, स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल, अंजलि मेमोरियल स्कूल (चाटूखेड़ा), सरस्वती पब्लिक स्कूल (खिलचीपुर) तथा गर्ल्स स्कूल खिलचीपुर की भी समीक्षा की गई। जिन संस्थाओं में आरटीई के अंतर्गत प्रवेश रोकने अथवा पोर्टल प्रविष्टि में अनियमितता पाई गई, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि 10 दिवस के भीतर स्थिति में सुधार नहीं होता है तो संबंधित एपीसी के माध्यम से कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में आगामी समीक्षा 26 फरवरी 2026 को आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें सभी शासकीय एवं निजी विद्यालयों की ब्लॉकवार प्रगति की पुनः समीक्षा होगी।


