RAJGARH

महाशिवरात्रि पर शिव–पार्वती विवाह के साथ सात दिवसीय भागवत कथा का भव्य समापन

 

राजगढ़। ग्राम तलावड़ा स्थित देव स्थान कालाजी महाराज परिसर में पिछले सात दिनों से चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का पावन पर्व महाशिवरात्रि पर भव्य एवं श्रद्धामय समापन हुआ। पूरे सप्ताह चले इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचते रहे, वहीं अंतिम दिवस पर आस्था का विशेष उत्साह देखने को मिला।

समापन दिवस पर सुबह 11 बजे कथा का शुभारंभ हुआ। कथावाचक श्यामा बाई सा ने भगवान शिव–पार्वती विवाह प्रसंग का सरल, प्रभावी और भावपूर्ण वर्णन किया। जैसे ही विवाह की झांकी प्रारंभ हुई, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे। “हर-हर महादेव” के जयकारों से पूरा परिसर गुंजायमान हो गया। शिव बारात का प्रतीकात्मक आयोजन आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें ग्रामीणों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

सात दिवसीय कथा के दौरान श्रीमद् भागवत के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया गया। कथा स्थल को आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया था, जिससे पूरे परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित सभी वर्गों की उपस्थिति ने आयोजन को सामूहिक आस्था का स्वरूप प्रदान किया।

कथा के समापन के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसादी ग्रहण की। आयोजन समिति और ग्रामवासियों के सहयोग से व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और सहयोग की भावना देखने को मिली।

समापन अवसर पर जिले के राजनीतिक एवं सामाजिक जनप्रतिनिधि भी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त करते हैं। उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

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