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राम कृपाल यादव ने फार्मर रजिस्ट्री का किया निरीक्षण

दानापुर (पटना, बिहार): राम कृपाल यादव ने आज पटना जिले के दानापुर अंचल अंतर्गत हथियाकंद पंचायत में एग्री स्टैक परियोजना के तहत संचालित किसानों की फार्मर रजिस्ट्री एवं ई-केवाईसी प्रक्रिया का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पंजीकरण कार्य की प्रगति, तकनीकी व्यवस्थाओं तथा किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कृषि मंत्री ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री एग्री स्टैक परियोजना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटक है, जिसका उद्देश्य राज्य में कृषि सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और किसानोन्मुख बनाना है। इसके तहत प्रत्येक किसान की फार्मर आईडी तैयार की जा रही है, जिसमें भूमि से संबंधित विवरण को आधार से जोड़ा जा रहा है, ताकि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त हो सके।

उन्होंने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री कार्य प्रारंभ करने से पूर्व राज्य के पाँच जिलों—सारण, गया, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया और भागलपुर—के दो-दो राजस्व ग्रामों में पायलट परियोजना के रूप में यह कार्य किया गया था। इसके बाद राज्य के सभी जिलों के कुल 44,500 राजस्व ग्रामों की बकेटिंग प्रक्रिया पूर्ण कर अप्रैल माह से फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। शेष गाँवों की बकेटिंग के लिए भारत सरकार से अनुरोध किया गया था, जिसकी स्वीकृति अब प्राप्त हो चुकी है।

अब तक कृषि विभाग के कर्मियों द्वारा 44 लाख से अधिक किसानों का ई-केवाईसी किया जा चुका है तथा बकेट सत्यापन के उपरांत 12 लाख 34 हजार से अधिक फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी हैं। इनमें 7 लाख 58 हजार से अधिक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी शामिल हैं।

कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि फार्मर रजिस्ट्री को सफल बनाने के लिए 11 जनवरी 2026 तक चलाए जा रहे विशेष अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और समय पर अपनी फार्मर आईडी बनवाकर सरकारी योजनाओं का निर्बाध लाभ सुनिश्चित करें।

उन्होंने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया में कृषि विभाग के कर्मियों द्वारा किसानों का ई-केवाईसी किया जा रहा है, जबकि राजस्व विभाग के कर्मचारी बकेट सत्यापन का कार्य कर रहे हैं। इस समन्वित प्रयास से फार्मर आईडी निर्माण की प्रक्रिया में तेजी आई है।

माननीय मंत्री ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री का मुख्य उद्देश्य राज्य में संचालित सभी कृषि एवं किसान कल्याण योजनाओं का लाभ वास्तविक और पात्र किसानों तक सीधे पहुँचाना है। भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्राप्त करने वाले सभी किसानों के लिए फार्मर आईडी को अनिवार्य कर दिया गया है। आगामी किस्त का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को फार्मर रजिस्ट्री कैंप में भाग लेकर फार्मर रजिस्ट्री वेब पोर्टल या ऐप के माध्यम से बायोमेट्रिक अथवा फेस ऑथेंटिकेशन द्वारा सत्यापन कराते हुए भूमि संबंधी दावा दर्ज करना अनिवार्य होगा।

उन्होंने यह भी बताया कि एग्री स्टैक परियोजना के तहत राज्य के किसानों की फार्मर आईडी तैयार करने के लिए बिहार भूमि डाटाबेस को समेकित किया गया है। प्रत्येक राजस्व ग्राम में समान नाम एवं पिता के नाम वाली जमाबंदियों का ऑनलाइन बकेट तैयार कर राज्य को उपलब्ध कराया गया है, जिसके आधार पर राज्य स्तर पर फार्मर रजिस्ट्री का कार्य किया जा रहा है।

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