दो साल में जर्जर स्कूल भवनों को बेहतर बनाने का लक्ष्य, सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वालों को ₹25 हजार की प्रोत्साहन राशि
भाट पचलाना और इंगोरिया में खुलेंगे दो नए सांदीपनि विद्यालय: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों की सुरक्षा, जीवन रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार को सरकार की ओर से ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को एयर एम्बुलेंस, हेलीकॉप्टर या विमान के माध्यम से भी अस्पताल पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि समय पर उपचार मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बड़नगर का सांदीपनि विद्यालय आधुनिक सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में निजी विद्यालयों को टक्कर दे रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले दो वर्षों में प्रदेश के जर्जर और पुराने विद्यालय भवनों को बेहतर पक्के भवनों में बदला जाए।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। कक्षा छठवीं में चार किलोमीटर से अधिक दूरी से आने वाले विद्यार्थियों के लिए साइकिल, कपड़े और किताबों जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। वहीं, 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप देने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
भाट पचलाना और इंगोरिया में खुलेंगे सांदीपनि विद्यालय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़नगर क्षेत्र के लिए दो नए सांदीपनि विद्यालय खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विधायक द्वारा रखी गई मांग को ध्यान में रखते हुए भाट पचलाना और इंगोरिया में विद्यालय खोले जाएंगे। इन विद्यालयों से क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
महिला कल्याण पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लाड़ली बहनों सहित समाज के सभी वर्गों के कल्याण और उत्थान के लिए योजनाएं संचालित कर रही है। महिलाओं को आर्थिक सहायता और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
वन्यजीव संरक्षण के लिए नई पहल
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधी सागर में चीतों की उपस्थिति प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जंगली भैंसों के संरक्षण और पुनर्स्थापन के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में कान्हा अभयारण्य में जंगली भैंसों को छोड़ने की प्रक्रिया में उन्होंने भाग लिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जैव विविधता और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों को संरक्षित करने के साथ मोरों के संरक्षण और पुनर्वास को बढ़ावा देने के लिए भी नई परियोजना पर काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण, युवा कल्याण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में विकास को गति देना है, ताकि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं और अवसर मिल सकें।




