₹100 करोड़ से बनेगी नई कंपनी, स्कूलों के परिवहन पर ₹241 करोड़ खर्च करेगी सरकार; सिंचाई, आयुष और महिला-बाल विकास को भी मिली मंजूरी
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, स्कूली परिवहन, सिंचाई और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने जबलपुर-भोपाल-इंदौर औद्योगिक कॉरिडोर के विकास के लिए नई कंपनी के गठन और ₹100 करोड़ की राशि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। वहीं, विद्यालयों में परिवहन व्यवस्था मजबूत करने के लिए लगभग ₹241 करोड़ की योजना को मंजूरी दी गई है।
औद्योगिक निवेश को मिलेगी गति
जबलपुर से भोपाल होते हुए इंदौर तक विकसित होने वाला औद्योगिक कॉरिडोर प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके लिए उद्योग विभाग के माध्यम से राज्य शासन के स्वामित्व वाली कंपनी गठित की गई है। मुख्यमंत्री स्वयं इसकी गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष होंगे।
परियोजना के प्रथम चरण में 3 हजार से 10 हजार एकड़ तक भूमि विकसित करने की योजना है। सरकार के अनुमान के अनुसार, मार्च 2028 तक एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित हो सकता है। इससे लगभग एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। आगामी तीन वर्षों में तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश और छह लाख से ज्यादा रोजगार अवसरों की संभावना भी जताई गई है।
स्कूली परिवहन व्यवस्था होगी मजबूत
कैबिनेट ने विद्यार्थियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगभग ₹241 करोड़ की योजना को मंजूरी दी है। बसों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी जिला स्तर पर कलेक्टरों को सौंपी जाएगी। इससे स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार व्यवस्था संचालित करने में मदद मिलेगी। योजना का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों सहित ओबीसी और अन्य क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
सिंचाई परियोजनाओं को मिलेगी निरंतरता
सरकार ने विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं को आगे जारी रखने की मंजूरी दी है। इनमें रायसेन जिले के उदयपुरा और भोजपुर क्षेत्र की परियोजनाएं शामिल हैं। सीतामऊ परियोजना के लिए लगभग ₹750 करोड़ की योजना तथा सिंगरौली क्षेत्र को लाभ पहुंचाने वाली ₹1,320 करोड़ की सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी भी दी गई है। इन फैसलों से संबंधित क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
नए जिलों में खुलेंगे महिला-बाल विकास कार्यालय
निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में महिला एवं बाल विकास विभाग के चार कार्यालय खोले जाएंगे। इससे विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और आमजन तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाने में आसानी होगी।
आयुष सेवाओं को मिलेगा विस्तार
राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत लगभग ₹1,698 करोड़ की योजना को निरंतर जारी रखने की मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में पिछले ढाई वर्षों में नौ नए आयुर्वेदिक कॉलेजों को मंजूरी दी गई है। इन निर्णयों से आयुष शिक्षा, पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।



