मध्यप्रदेश

श्रम की वंदना: राष्ट्र निर्माण की नींव हैं हमारे श्रमवीर- जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान

मजदूर दिवस पर एसईसीएल रीजनल वर्कशॉप में गूंजी कविताएं, स्क्रैप से बनी कलाकृतियों ने मोह लिया मन

 

धनपुरी। “पसीना बहता है जब माथे से, तो राष्ट्र की तकदीर सजती है…।” कुछ इसी तरह के ऊर्जस्वी और साहित्यिक माहौल के बीच कोयलांचल नगरी धनपुरी स्थित एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र के ‘रीजनल वर्कशॉप’ में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस का उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे इंदौर में पदस्थ जिला न्यायाधीश श्री हिदायत उल्ला खान ने न केवल श्रमिकों के महत्व को रेखांकित किया, बल्कि अपनी काव्यमयी शैली और संवाद से कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

श्रम वीरों का पसीना सबसे अमूल्य: न्यायाधीश खान

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला न्यायाधीश श्री खान ने कहा कि किसी भी विकसित राष्ट्र की इमारत जिन ईंटों पर टिकी होती है, वे हमारे श्रमिक भाइयों की मेहनत से तपकर निकलती हैं। उन्होंने श्रमिकों को ‘श्रम वीर’ की संज्ञा देते हुए कहा कि देश की प्रगति में उनके द्वारा बहाया गया पसीना सबसे अमूल्य निधि है। अपने उद्बोधन के बीच जब उन्होंने गजल और कविता की पंक्तियां साझा कीं, तो पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। न्यायाधीश ने श्रमिकों से सीधा संवाद किया और उनकी निष्ठा को राष्ट्र सेवा का पर्याय बताया।

कबाड़ से तराशा ‘नया भारत’: नवाचार की सराहना

समारोह के दौरान न्यायाधीश श्री खान ने वर्कशॉप का विस्तृत भ्रमण किया। यहाँ ‘वेस्ट टू वेल्थ’ (कबाड़ से कंचन) की अवधारणा को साकार होते देख वे अभिभूत हो गए। उन्होंने श्रमिकों द्वारा स्क्रैप और कबाड़ के जरिए बनाई गई कलाकृतियों— जैसे कलात्मक रथ, स्कूटर, और वॉच टावर का बारीकी से अवलोकन किया। विशेष रूप से वंदे मातरम गीत के 100 वर्ष पूर्ण होने पर स्थापित 100 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज के स्थल और मुख्य गेट के सौंदर्यीकरण की उन्होंने खुले मन से प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “सीमित संसाधनों में ऐसी सृजनात्मकता यह दर्शाती है कि यहाँ के श्रमिकों के हाथों में हुनर और दिलों में देशप्रेम है।”

मैनेजमेंट और टीम वर्क की नायाब मिसाल

रीजनल वर्कशॉप के कायाकल्प में क्षेत्रीय महाप्रबंधक श्री बी.के. जेना के मार्गदर्शन और वर्कशॉप प्रबंधक डॉ. एम.ए.एच. सिद्दीकी व इंजीनियर श्री अजय द्विवेदी की जुगलबंदी की जमकर सराहना की गई। डॉ. सिद्दीकी की पदस्थापना के बाद से वर्कशॉप में तकनीकी कार्यों के साथ-साथ रचनात्मक प्रोजेक्ट्स की बाढ़ आ गई है। प्रबंधक और इंजीनियर की इस जोड़ी ने अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच ऐसी टीम भावना जगाई है, जो आज पूरे सोहागपुर क्षेत्र के लिए नजीर बन गई है।

गरिमामय उपस्थिति और संवाद

कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार श्री सनत शर्मा, जिला पंचायत पीआरओ अमित श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य नागरिक और अधिकारी उपस्थित रहे। प्रबंधक डॉ. सिद्दीकी ने वर्कशॉप की तकनीकी उपलब्धियों और उत्पादन प्रक्रियाओं से मुख्य अतिथि को अवगत कराया।

समापन पर न्यायाधीश ने श्रमिकों को ईमानदारी और सेवा भाव के साथ निरंतर कार्य करने हेतु प्रेरित किया। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न रहकर, श्रम और सृजन के सम्मान का एक महापर्व बन गया।

मुख्य आकर्षण:

काव्य पाठ: जिला न्यायाधीश द्वारा प्रेरक गजलों से श्रमिकों में उत्साह का संचार।

स्कैप आर्ट: कबाड़ से बने रथ, पेयजल कॉर्नर और स्लोगन लाइटिंग ने खींचा ध्यान।

ऐतिहासिक गौरव: 100 फीट ऊंचे तिरंगे के समीप दी गई राष्ट्र को सलामी।

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