मध्यप्रदेश

अंधड़ और ‘ओवरलोड’ की चुनौती पर भारी पड़ा बिजली अमले का जज्बा; फील्ड पर डटे रहे अफसर और कर्मचारी

शाम होते ही मौसम के बदले मिजाज से चरमराई व्यवस्था, बुढ़ार-धनपुरी की टीम ने रात-दिन एक कर बहाल की आपूर्ति

 

/बुढ़ार/धनपुरी |(असलम बाबा)बीते दो-तीन दिनों से जिले में मौसम का दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है। दिन भर की तपिश के बाद शाम होते ही चलने वाली तेज हवाओं और धूल भरी आंधी ने जनजीवन के साथ-साथ विद्युत व्यवस्था को भी खासा प्रभावित किया है। बुढ़ार और धनपुरी वितरण केंद्र के अंतर्गत आने वाले इलाकों में कहीं पेड़ गिरने तो कहीं बिजली के खंभे टूटने की खबरें आईं, लेकिन विभाग की तत्परता ने बड़े संकट को टाल दिया।

तेज हवाओं और ‘कूलर लोड’ ने बढ़ाई मुश्किलें

मई की इस भीषण गर्मी में घरों के भीतर कूलर और पंखों का उपयोग चरम पर है। शाम के समय जब बिजली की मांग (लोड) सबसे ज्यादा होती है, उसी दौरान चलने वाली तेज हवाओं ने तकनीकी समस्याओं को जन्म दिया। अत्यधिक लोड के कारण कई स्थानों पर बिजली के बक्से (जंक्शन बॉक्स) और केबल जलने की घटनाएं सामने आईं। केबल जलने और तार टूटने से आपूर्ति बाधित हुई, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।

मैदानी मोर्चे पर डटे रहे जांबाज: JE विकास और अजीत श्रीवास्तव की सक्रियता

इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में बुढ़ार JE विकास और धनपुरी JE अजीत श्रीवास्तव ने अपनी टीम के साथ कमान संभाली। जैसे ही शाम को हवाओं के कारण फाल्ट की सूचना मिली, समस्त स्टाफ पूरी ईमानदारी और मुस्तैदी के साथ सड़कों पर उतर आया। रात के अंधेरे और धूल भरी आंधी के बीच भी कर्मचारियों ने खंभों पर चढ़कर जलती हुई केबलों को बदला और टूटे हुए तारों को जोड़कर शहर की रोशनी बरकरार रखी।

दिन-रात की मेहनत से मिली राहत

अधिकारी और कर्मचारी केवल दफ्तर तक सीमित नहीं रहे, बल्कि फील्ड पर रहकर एक-एक फाल्ट को दुरुस्त कराया। बिजली अमले ने अपनी व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं को त्याग कर यह सुनिश्चित किया कि भीषण गर्मी में जनता को बिजली कटौती का सामना न करना पड़े। शाम से शुरू हुआ काम कई बार देर रात और अलसुबह तक जारी रहा। विभाग की इस कार्यशैली ने उपभोक्ताओं के बीच उनकी छवि को और बेहतर बनाया है।

आज बहाल हो जाएंगी शेष व्यवस्थाएं

विद्युत वितरण केंद्र के अधिकारियों के अनुसार, मुख्य लाइनों को पूरी तरह चालू कर दिया गया है। जिन क्षेत्रों में पोल टूटने या केबल पूरी तरह जल जाने के कारण काम बचा है, उन्हें भी आज युद्ध स्तर पर कार्य कर बहाल कर लिया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि शाम की आंधी से पहले ही इंफ्रास्ट्रक्चर को इतना मजबूत कर लिया जाए कि कम से कम व्यवधान हो।

“हमारी टीम का हर सदस्य इस समय पूरी निष्ठा से काम कर रहा है। गर्मी और तेज हवाओं के कारण तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन हम आपूर्ति सुचारू रखने के लिए वचनबद्ध हैं।” — विद्युत विभाग प्रबंधन

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