मध्यप्रदेश

खुशखबरी: अब वार्ड और पंचायत दफ्तरों में बनेंगे ई-राशन कार्ड; गरीबों को मुफ्त अनाज के लिए नहीं काटने होंगे चक्कर

 

शहडोल | असलम बाबा (ब्यूरो) खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ के तहत पात्र परिवारों को बड़ी राहत दी है। अब राशन कार्ड (पात्रता पर्ची) बनवाने के लिए हितग्राहियों को जिला मुख्यालय या बड़े दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। शासन ने आवेदन की प्रक्रिया का विकेंद्रीकरण करते हुए इसे सीधे स्थानीय निकायों— ग्राम पंचायत, जनपद और नगरीय वार्ड कार्यालयों से जोड़ दिया है। यानी अब आपके घर के पास ही आवेदन जमा होंगे और वहीं से डिजिटल पात्रता पर्ची जारी की जाएगी।
डिजिटल कवच: एनआईसी भोपाल से जारी होगी ‘पात्रता पर्ची’
नई व्यवस्था के तहत आवेदनों की सूक्ष्म जांच अब स्थानीय स्तर पर ही होगी। ग्राम पंचायतों में सचिव और शहरों में वार्ड प्रभारी आवेदनों का सत्यापन करेंगे। इसके बाद खाद्य विभाग पोर्टल पर मैपिंग की प्रक्रिया पूरी करेगा, जिसके अंतिम चरण में एनआईसी (NIC) भोपाल द्वारा सीधे ई-राशन कार्ड यानी ‘पात्रता पर्ची’ डिजिटल रूप में जारी की जाएगी। इस पारदर्शी व्यवस्था से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि बिचौलियों की भूमिका भी पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
राशन का नया गणित: किसे, क्या और कितना?
योजना के तहत खाद्यान्न वितरण को दो मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पोषण सुनिश्चित हो सके:श्रेणी खाद्यान्न मात्रा अन्य सामग्री
अंत्योदय (AAY) 35 किलो (प्रति परिवार) 1 किलो नमक (₹1) व 1 किलो शक्कर (₹20)
प्राथमिकता (PHH) 5 किलो (प्रति सदस्य) 1विशेष: इस योजना के तहत मिलने वाला खाद्यान्न पूरी तरह निःशुल्क है। हितग्राहियों को केवल नमक और शक्कर के लिए निर्धारित मामूली सरकारी शुल्क देना होगा।
पीओएस मशीन और आधार अनिवार्य: पारदर्शिता का पहरा
राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ियों और कालाबाजारी को रोकने के लिए विभाग ने पीओएस (Point of Sale) मशीन के माध्यम से वितरण को अनिवार्य कर दिया है। उचित मूल्य की दुकानों पर जब तक हितग्राही का बायो-मेट्रिक (आधार सत्यापन) सफल नहीं होगा, तब तक खाद्यान्न का वितरण नहीं किया जाएगा। इससे अपात्रों की छंटनी हुई है और राशन सीधे वास्तविक हकदारों तक पहुँच रहा है।
अफसरों की जवाबदेही तय: लापरवाही पर गिरेगी गाज
योजना के सफल संचालन के लिए शासन ने नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। यदि आवेदन के निराकरण में अनावश्यक देरी होती है, तो संबंधित क्षेत्रों के जिम्मेदार अधिकारी जवाबदेह होंगे:
ग्रामीण क्षेत्र: जनपद पंचायत स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) नोडल होंगे।
नगरीय क्षेत्र: नगर पालिका या नगर परिषद स्तर पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) उत्तरदायी होंगे।
मुख्य बिंदु: एक नजर में
सुविधा: अब स्थानीय पंचायत या वार्ड कार्यालय में ही आवेदन संभव।
निःशुल्क लाभ: 5 से 35 किलो तक मुफ्त अनाज (श्रेणी के अनुसार)।
सुरक्षा: आधार वेरिफिकेशन के बाद ही मिलेगा राशन।
ई-सर्विस: एनआईसी भोपाल द्वारा ऑनलाइन जारी होगी पात्रता पर्ची।

Related Articles

Back to top button