संकल्प बजट 2026-27 में एमसीबी को शिक्षा की ऐतिहासिक सौगात, देवाड़ांड में खुलेगा नया महाविद्यालय. स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री का जताया आभार


चिरमिरी/एमसीबी। संकल्प बजट 2026-27 में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले को शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। विकासखंड खड़गवां के ग्राम देवाड़ांड में नवीन महाविद्यालय की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय से क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूरस्थ शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और ग्रामीण अंचल में अकादमिक वातावरण सुदृढ़ होगा।
राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रस्तुत इस बजट को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शिक्षा जगत ने विकासोन्मुखी बताया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसे एमसीबी जिले के लिए ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि लंबे समय से क्षेत्र में महाविद्यालय की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। देवाड़ांड और आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए चिरमिरी, कोरिया या अन्य शहरों की ओर रुख करना पड़ता था। अब यह बाधा काफी हद तक दूर होगी।
उन्होंने समस्त विद्यार्थियों और अभिभावकों की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा के विस्तार से ही क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। नया महाविद्यालय न केवल उच्च शिक्षा का केंद्र बनेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं और कौशल विकास की दिशा में भी अवसरों के द्वार खोलेगा।
संकल्प बजट में शिक्षा को प्राथमिकता दिए जाने को राज्य की दूरदर्शी सोच का परिचायक माना जा रहा है। ग्रामीण अंचलों में उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना से पलायन की प्रवृत्ति पर अंकुश लगेगा और बेटियों की शिक्षा को भी नया संबल मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि महाविद्यालय खुलने से स्थानीय स्तर पर पुस्तकालय, छात्रावास और सहायक शैक्षणिक सुविधाओं के विकास की संभावनाएँ भी बढ़ेंगी।
एमसीबी जिले के शिक्षा प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह कदम क्षेत्र के बौद्धिक परिदृश्य को नई ऊर्जा देगा और युवाओं को अपने ही जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगा।
देवाड़ांड में प्रस्तावित महाविद्यालय को लेकर अब प्रशासनिक प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। यदि निर्धारित समयसीमा में भवन निर्माण और शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होता है, तो यह संकल्प बजट की एक सशक्त और धरातलीय उपलब्धि के रूप में दर्ज होगा। शिक्षा के इस नए अध्याय से एमसीबी जिले में विकास की एक नई रेखा खिंचती दिखाई दे रही




